मेरी उनसे बात हो रही थी कि एकाएक फोन पर धमाका सुनाई दिया। इसके बाद फोन भी कट गया। मैं बेचैन हुई दोबारा कई बार फोन मिलाया, लेकिन लगा नहीं। फिर टीवी पर जम्मू के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की खबर देखी तो दिल बैठ गया। उसके बाद पति का हाल जानने के लिए छटपटाती रही, लेकिन कोई जानकारी नहीं हुई। शाम को कंट्रोल रूम से फोन आया और उनकी शहादत की खबर मिली। बस इतना बोलकर पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए तिर्वा, कन्नौज के सुखसेनपुर गांव निवासी प्रदीप सिंह यादव की पत्नी नीरज रो पड़ीं।
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पुलवामा आतंकी हमलाः बात होते-होते हुआ धमाका, आयी शहादत की खबर, शहीद की पत्नी का एक-एक शब्द रुला देगा
Fri, 15 Feb 2019 09:25 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 15 Feb 2019 09:25 AM IST
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प्रदीप का परिवार कानपुर में कल्याणपुर के बारासिरोही में रहता है। उनकी दो बेटियां सुप्रिया(10) व छोटी (2) हैं। परिवार के साथ ही प्रदीप का मौसेरा भाई सोनू भी रहता है। सोनू ने बताया कि छुट्टी खत्म होने पर 10 फरवरी को वह जम्मू रवाना हुए थे। 11 जनवरी को वह जम्मू पहुंचे। बुधवार सुबह भी उन्होंने घर पर फोन किया था। आखिरी बार भाभी से ही बात की थी। करीब 10 मिनट ही बात हुई थी।
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पत्नी ने बताया कि प्रदीप दो साल की बेटी छोटी से बेहद प्रेम करते थे। 10 मिनट की हुई बातों में उन्होंने करीब सात मिनट तो सिर्फ छोटी के साथ बिताए पलों को याद किया और उसकी हर अठखेलियों को याद कर खुद गुदगुदाया भी, लेकिन सोचा नहीं था, यह फोन पर की हुई बात आखिरी होगी।
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तिर्वा के अजान-सुखसेनपुर निवासी प्रदीप सिंह यादव सीआरपीएफ में थे। गुरुवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में साथियों के साथ प्रदीप भी शहीद हो गए। शहादत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी मातम का माहौल है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रदीप की शहादत की पुष्टि की है।
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प्रदीप सिंह यादव श्रीनगर में 115 बटालियन में सिपाही थे। चार दिन पहले छुट्टी गुजार कर लौटे थे। एक मकान कानपुर के बारा सिरोही में है। वहां पत्नी नीरज देवी और दो बेटियां 10 वर्षीय सुप्रिया यादव और ढाई साल की सोना यादव हैं। 10 फरवरी को परिवार से विदा होकर वह जम्मू रवाना हुए थे। 11 जनवरी को वह जम्मू पहुंचे।