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बिकरू कांड: पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के साथियों की संपत्ति की होगी जांच, टीम गठित
Wed, 29 Jul 2020 01:42 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 29 Jul 2020 01:42 AM IST
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बिकरू कांड
- फोटो : अमर उजाला
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विकास दुबे और उसके परिजनों-रिश्तेदारों की तरह एसआईटी ने बिकरू कांड में उसके साथ रहे और पुलिस मुठभेड़ में मारे, सभी वांछितों की अचल संपत्ति की जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार को आदेश मिलते ही बिल्हौर तहसील के अफसरों ने राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की एक टीम गठित की है।
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
राजस्व विभाग को टीम मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रेम प्रकाश, प्रवीण उर्फ बउआ, प्रभात मिश्र व इनके परिजनों की अचल संपत्ति का पता लगाएगी। अमर दुबे, उसकी पत्नी खुशी दुबे, अतुल दुबे, उसके पिता संजीव उर्फ संजू दुबे, भाई संजू दुबे, चचेरा भाई विपुल, नकुल की अचल संपत्ति का ब्योरा एसआईटी ने चौबेपुुर पुलिस से मांगा है।
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
आठ लोगों ने एसआईटी में दर्ज कराए बयान
विकास दुबे सहित उसके गैंग के अमर, अतुल, प्रेमप्रकाश, प्रवीण, प्रभात के मारे जाने के बाद ग्रामीणों ने गांव आए अफसरों से जमीन कब्जा, राशन वितरण में गड़बड़ी, ग्राम पंचायत के कार्यों में मनमानी और लाभार्थियों के चयन में घोटाले की शिकायत की थी। राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव से आठ ग्रामीणों ने एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराए हैं।
विकास दुबे सहित उसके गैंग के अमर, अतुल, प्रेमप्रकाश, प्रवीण, प्रभात के मारे जाने के बाद ग्रामीणों ने गांव आए अफसरों से जमीन कब्जा, राशन वितरण में गड़बड़ी, ग्राम पंचायत के कार्यों में मनमानी और लाभार्थियों के चयन में घोटाले की शिकायत की थी। राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव से आठ ग्रामीणों ने एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराए हैं।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी को सौंपा गांव का नक्शा
चौबेपुर पुलिस की गैंगेस्टर विकास दुबे से साठगांठ और कई सिपाहियों का बिकरू गांव से सीधा संबंध भांपकर एसआईटी ने राजस्व विभाग से वारदात स्थल विकास दुबे के घर को केंद्र मानकर पूरे गांव के घरों नामवार, रास्तों का नक्शा मांगा था। राजस्व विभाग की टीम ने नक्शा तैयार कर एसआईटी को भेजा है।
चौबेपुर पुलिस की गैंगेस्टर विकास दुबे से साठगांठ और कई सिपाहियों का बिकरू गांव से सीधा संबंध भांपकर एसआईटी ने राजस्व विभाग से वारदात स्थल विकास दुबे के घर को केंद्र मानकर पूरे गांव के घरों नामवार, रास्तों का नक्शा मांगा था। राजस्व विभाग की टीम ने नक्शा तैयार कर एसआईटी को भेजा है।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
जय व रंजय की अचल संपत्ति की बनेगी सूची
कुख्यात विकास दुबे के खजांची के रूप चर्चा में आया तहसील क्षेत्र के दिलीप नगर गांव के मूल निवासी जय बाजपेई और रंजय बाजपेई की अचल संपत्ति का भी पता राजस्व अधिकारी लगाएंगे। राजस्व अफसरों ने बताया कि एसआईटी, ईडी के आलाधिकारियों से मिले निर्देशों में करीब एक दशक में उक्त दोनों की संपत्ति में बढ़ोत्तरी को ध्यान में रखकर पैतृक और बीते सालों में खरीद भूमि की जांच की जा रही है। भीटी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान विष्णु पाल यादव उर्फ जिलेदार सिंह की भी जांच के आदेश मिले हैं।
कुख्यात विकास दुबे के खजांची के रूप चर्चा में आया तहसील क्षेत्र के दिलीप नगर गांव के मूल निवासी जय बाजपेई और रंजय बाजपेई की अचल संपत्ति का भी पता राजस्व अधिकारी लगाएंगे। राजस्व अफसरों ने बताया कि एसआईटी, ईडी के आलाधिकारियों से मिले निर्देशों में करीब एक दशक में उक्त दोनों की संपत्ति में बढ़ोत्तरी को ध्यान में रखकर पैतृक और बीते सालों में खरीद भूमि की जांच की जा रही है। भीटी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान विष्णु पाल यादव उर्फ जिलेदार सिंह की भी जांच के आदेश मिले हैं।