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Ronil Murder Case: पुलिस के हाथ सिर्फ नाकामी, सर्विलांस से भी नहीं जुटा सके सुबूत, अब तक हर अंदाजा गलत

Sun, 06 Nov 2022 06:33 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 06 Nov 2022 06:33 AM IST
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Police could not gather evidence even from surveillance in Ronil Murder Case
घटनास्थल पर निरीक्षण करते कमिश्नर बीपी जोगदंड - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में छात्र रोनिल सरकार हत्याकांड में छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस न कोई ठोस साक्ष्य जुटा सकी और न ही कोई सुराग। अंदाजे से तफ्तीश जारी है। हाईटेक पुलिसिंग के दावे की हत्याकांड ने पोल खोल कर रख दी है। सर्विलांस हो या मुखबिर तंत्र सब फेल साबित हुआ। हत्याकांड की गुत्थी दिन गुजरने के साथ ही उलझती जा रही है।



बीते सोमवार को रोनिल लापता हुआ था। दूसरे दिन उसका शव पड़ा मिला था। सोमवार को ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। वह घटनास्थल तक कैसे पहुंचा यह पता करने में छह दिन लग गए। पुलिस कोई भी संदिग्ध नंबर भी चिह्नित नहीं सकी। न ही किसी संदिग्ध के बारे में खास जानकारी जुटा पाई। सिर्फ शक के आधार पर छानबीन चल रही है।

Police could not gather evidence even from surveillance in Ronil Murder Case
जंगल में मिला छात्र का शव - फोटो : अमर उजाला

अब तक हर अंदाजा गलत निकला
पुलिस ने सबसे पहले रोनिल के नंबर की कॉल डिटेल निकाली, जिसमें युवती का नंबर मिला। आशनाई में हत्या के शक के बिंदु पर तफ्तीश की। पूछताछ व जांच में इससे संबंधित साक्ष्य नहीं मिले। फिर जिस नंबर से शव पड़े होने की सूचना मिली थी, उस पर शक गहराया। उस छात्र से पूछताछ हुई, तो उसमें भी कोई जानकारी नहीं मिली। अब पुलिस आशंका जता रही है कि कोई नशेबाज ने तो मामूली विवाद में वारदात को अंजाम नहीं दिया। अब इस पहलू पर जांच शुरू हुई है। 

Police could not gather evidence even from surveillance in Ronil Murder Case
रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

अकेला पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचा था रोनिल
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि रोनिल अकेला ही पैदल घटनास्थल तक पहुंचा था। छप्पन भोग चौराहे से घटनास्थल तक पहुंचने में उसको 17 मिनट का समय लगा था। वह छप्पन भोग चौराहे पर दोपहर 1:53 बजे दिखा था। घटनास्थल से चंद कदम पहले लगे सीसीटीवी से स्पष्ट हुआ कि वह दोपहर 2:10 बजे वहां पहुंचा। अब सवाल है कि क्या वारदात को अंजाम देने वाले पहले से वहां मौजूद थे या बाद में आए। यह कुछ भी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल साजिश रचकर वारदात को अंजाम देने की आशंका कम है।

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रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

परिजनों को पुलिस घटनास्थल ले गई
संजय सरकार ने बताया कि स्कूल में मामला शांत होने के बाद एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक उन्हें घटनास्थल ले गए। उन्हें दिखाया कि पुलिस किस तरह से अलग-अलग जगहों से फुटेज तलाश रही है। उन्हें घटनास्थल के कुछ पहले लगा सीसीटीवी कैमरा दिखाया। इसके पूर्व स्कूल में सूचना देने वाले श्यामनगर सी ब्लॉक निवासी 12वीं के छात्र को घटनास्थल पर ले जाया गया। जहां उससे जानकारी ली गई। यहां के दुकानदारों आदि से भी पूछताछ की गई।

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रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष से मिले रोनिल के पिता
कानपुर। रोनिल के पिता संजय सरकार ने शनिवार को लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पं. रवींद्र शर्मा से मुलाकात कर रोनिल की हत्या से संबंधित तथ्यों की जानकारी दी। रवींद्र शर्मा ने पुलिस जांच में तेजी दिखाने, हत्याकांड के जल्द खुलासे और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संजय को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।

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