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रोनिल हत्याकांड: साक्ष्य न पुख्ता सुराग, अंदाजे पर हाथ-पैर मार रही पुलिस

Sun, 06 Nov 2022 12:05 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 06 Nov 2022 12:05 AM IST
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Ronil murder case: Even after six days, police did not get any clue
रोनिल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में छात्र रोनिल सरकार हत्याकांड में छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस न कोई ठोस साक्ष्य जुटा सकी और न ही कोई सुराग। अंदाजे से तफ्तीश जारी है। हाईटेक पुलिसिंग के दावे की हत्याकांड ने पोल खोल कर रख दी है। सर्विलांस हो या मुखबिर तंत्र सब फेल साबित हुआ। हत्याकांड की गुत्थी दिन गुजरने के साथ ही उलझती जा रही है।



बीते सोमवार को रोनिल लापता हुआ था। दूसरे दिन उसका शव पड़ा मिला था। सोमवार को ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। वह घटनास्थल तक कैसे पहुंचा यह पता करने में छह दिन लग गए। पुलिस कोई भी संदिग्ध नंबर भी चिह्नित नहीं सकी। न ही किसी संदिग्ध के बारे में खास जानकारी जुटा पाई। सिर्फ शक के आधार पर छानबीन चल रही है। 

Ronil murder case: Even after six days, police did not get any clue
रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

अब तक हर अंदाजा गलत निकला
पुलिस ने सबसे पहले रोनिल के नंबर की कॉल डिटेल निकाली, जिसमें युवती का नंबर मिला। आशनाई में हत्या के शक के बिंदु पर तफ्तीश की। पूछताछ व जांच में इससे संबंधित साक्ष्य नहीं मिले। फिर जिस नंबर से शव पड़े होने की सूचना मिली थी, उस पर शक गहराया। उस छात्र से पूछताछ हुई तो उसमें भी कोई जानकारी नहीं मिली। अब पुलिस आशंका जता रही है कि कोई नशेबाज ने तो मामूली विवाद में वारदात को अंजाम नहीं दिया। अब इस पहलू पर जांच शुरू हुई है। फिलहाल कोई सुबूत व सुराग नहीं मिला है। 

Ronil murder case: Even after six days, police did not get any clue
रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अकेला पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचा था रोनिल 
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि रोनिल अकेला ही पैदल घटनास्थल तक पहुंचा था। छप्पन भोग चौराहे से घटनास्थल तक पहुंचने में उसको 17 मिनट का समय लगा था। वह छप्पन भोग चौराहे पर दोपहर 1:53 बजे दिखा था। घटनास्थल से चंद कदम पहले लगे सीसीटीवी से स्पष्ट हुआ कि वह दोपहर 2:10 बजे वहां पहुंचा। अब सवाल है कि क्या वारदात को अंजाम देने वाले पहले से वहां मौजूद थे या बाद में आए। यह कुछ भी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल साजिश रचकर वारदात को अंजाम देने की आशंका कम है। 
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Ronil murder case: Even after six days, police did not get any clue
जंगल में मिला था छात्र का शव - फोटो : अमर उजाला
परिजनों को पुलिस घटनास्थल ले गई
संजय सरकार ने बताया कि स्कूल में मामला शांत होने के बाद एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक उन्हें घटनास्थल ले गए। उन्हें दिखाया कि पुलिस किस तरह से अलग-अलग जगहों से फुटेज तलाश रही है। उन्हें घटनास्थल के कुछ पहले लगा सीसीटीवी कैमरा दिखाया। इसके पूर्व स्कूल में सूचना देने वाले श्यामनगर सी ब्लॉक निवासी 12वीं के छात्र को घटनास्थल पर ले जाया गया। जहां उससे जानकारी ली गई। यहां के दुकानदारों आदि से भी पूछताछ की गई।
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Ronil murder case: Even after six days, police did not get any clue
रोनिल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
लायर्स एसोसिएशन से संजय सरकार ने लगाई गुहार
रोनिल सरकार के पिता संजय सरकार ने बेटे की हत्या के खुलासे और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि घटना का एक हफ्ता बीतने को है, लेकिन अभी तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। उन्हें बस दिलासा ही मिल रही है। इस पर रवींद्र शर्मा ने पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात की। बताया कि मामले के खुलासे के लिए टीमें और बढ़ा दी र्गइं हैं। उन्हें भी पुलिस कमिश्नर ने जल्दी खुलासे का भरोसा दिया।

हत्याकांड के खुलासे का प्रयास जारी है। अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। फिलहाल अभी कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद है कि जल्द सुराग लगेगा और वारदात का राजफाश किया जाएगा। सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर

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