जहरीली शराब कांडः पुलिस ने अवैध दारू की 12 फैक्ट्रियां पकड़ीं, कब जागेगा आबकारी विभाग?
प्रमुख सचिव यहां यह जानकर अवाक रह गईं कि नगर पुलिस ने बीते नौ महीने में अवैध शराब की 12 फैक्ट्रियां पकड़ीं, लेकिन जिला आबकारी विभाग ने किसी भी जगह जांच के लिए टीम तक नहीं भेजी। इतना ही नहीं जिन इलाकों में शराब की अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी गईं, उन क्षेत्रों के क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षकों पर कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि ऐसे दो इलाकों के इस्पेक्टरों को मलाईदार इलाकों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।
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प्रमुख सचिव ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रमुख सचिव ने पत्रकारों को बताया कि वे स्वत: आई हैं। उनके विभाग में कुछ गड़बड़ हो रहा है तो वह भी खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानती हैं। आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 31 मार्च को लाइसेंस खत्म होने के बावजूद दूल गांव में ठेका चलने, आबकारी अधिकारियों के सुविधा शुल्क वसूली के सवाल पर प्रमुख सचिव ने बताया कि इन तथ्यों की जांच होगी। सभी नए अनुज्ञापियों को बुलाकर निर्देश दिए गए हैं कि वे रजिस्टर्ड कंट्री लिकर (लाइसेंसधारी थोक विक्रेता) से ही शराब खरीदें।
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