फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जन्मदिन विशेषः करियर की बुलंदियों पर गोपाल दास 'नीरज' के एक काम से हिल गया था पूरा बॉलीवुड

Thu, 04 Jan 2018 02:10 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 04 Jan 2018 02:10 PM IST
विज्ञापन
poet gopaldas neeraj saxena birthday special
गोपालदास नीरज
हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देवआनंद के लोकप्रिय गानों के लेखक, गीतकार पदमभूषण गोपालदास 'नीरज' सक्सेना का आज जन्मदिन है। गोपाल दास के जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको उनदिनों की बातें बताने जा रहे हैं जब नीरज के पॉलिटिक्स में उतरते ही पूरा बॉलीवुड हिल गया। अपने फिल्मी करियर की बुलंदियों पर जानेमाने गीतकार ने राजनीति की तरफ अपना पहला कदम कानपुर में रखा।

 

सभी हो गए हैरान....

poet gopaldas neeraj saxena birthday special
गोपालदास नीरज
मशहूर गीतकार, कवि, फिल्म फेयर पुरस्कार विजेता, पद्म भूषण और पद्मश्री गोपाल दास ‘नीरज’ के बारे में बहुत ही कम लोगों को यह मालूम है कि उन्होंने एक बार चुनाव भी लड़ा था। 

पब्लिक की भीड़ में नीरज की इस बात को सुनकर सभी हो गए हैरान.....

1967 में कानपुर से लड़ा था चुनाव

poet gopaldas neeraj saxena birthday special
गोपालदास नीरज
साल 1967 के आम चुनाव में ‘नीरज’ कानपुर लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। अपनी चुनावी सभा में उन्होंने लोगों से अपील की थी कि जो भी भ्रष्ट हों या चोर हों वे उन्हें वोट न दें। बस यही एक बात जनमानस को घर कर गई। और वह 60 हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उस चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़े एसएम बनर्जी जीते थे। कांग्रेस का प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहा था। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

इटावा में जन्मे थे गोपाल दास नीरज

poet gopaldas neeraj saxena birthday special
गोपालदास नीरज
गोपाल दास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1925 को यूपी के इटावा जिले के ग्राम पुरावली में हुआ था। मात्र 6 वर्ष की आयु में पिता गुजर गये। 1942 में एटा से हाई स्कूल परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। शुरुआत में इटावा की कचहरी में कुछ समय टाइपिस्ट का काम किया उसके बाद सिनेमाघर की एक दुकान पर नौकरी की।
 
विज्ञापन

सफाई विभाग में टाइपिस्ट की नौकरी की

poet gopaldas neeraj saxena birthday special
गोपालदास नीरज
कई दिनों तक बेकारी करने के बाद दिल्ली जाकर नीरज ने सफाई विभाग में टाइपिस्ट की नौकरी की। वहां से नौकरी छूट जाने पर कानपुर के डी०ए०वी कॉलेज में क्लर्की की। फिर बाल्कट ब्रदर्स नाम की एक प्राइवेट कम्पनी में पाँच वर्ष तक टाइपिस्ट का काम किया। नौकरी करने के साथ प्राइवेट परीक्षाएँ देकर 1949 में इण्टरमीडिएट, 1951 में बी०ए० और 1953 में प्रथम श्रेणी में हिंदी से एम०ए० किया। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed