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पिंटू सेंगर हत्याकांड: पुलिस पर फिर सवाल, सउद-महफूज पर नरमी, नहीं ली रिमांड
Fri, 06 Nov 2020 12:35 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 06 Nov 2020 12:35 AM IST
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पिंटू सेंगर हत्याकांड में पुलिस पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल पुलिस ने कोर्ट में सरेंडर करने वाले सगे भाई सउद अख्तर और महफूज अख्तर को कस्टडी रिमांड पर नहीं लिया। गुरुवार को रिमांड लेने की समयावधि खत्म हो गई। इसको लेकर पिंटू के परिवार वालों ने पुलिस की मंशा पर सवाल किये हैं।
पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले में कस्टडी रिमांड पर लेने की जरूरत नहीं थी। चकेरी में बीस जून को पिंटू सेंगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता और वीरेंद्र को निर्दोष बता जेल से रिहा कराने के लिए रिपोर्ट भेजी थी।
पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। वहीं हत्यारोपी महफूज अख्तर का नाम केस से बाहर कर दिया था। इन दोनों बिंदुओं को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। जिसके बाद पुलिस ने महफूज का नाम केस में जोड़ा था और मनोज व वीरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
दो सप्ताह पहले महफूज और सउद अख्तर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। तब पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लेने की बात कही थी। मगर गुरुवार को उनको सरेंडर किये हुए 14 दिन का समय बीत गया मगर पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर नहीं लिया।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पिंटू के भाई धर्मेंद्र सेंगर का कहना है कि अगर आरोपियों को रिमांड पर लिया जाता को निश्चित ही बड़े खुलासे होते लेकिन पुलिस शुरू से ही इन दोनों आरोपियों पर नरमी बरत रही है। यही वजह है कि उनको रिमांड पर नहीं लिया। सीओ कैंट सत्यजीत गुप्ता का कहना है कि मामले में आलाकत्ल आदि की बरामदगी हो चुकी है। लगभग सभी आरोपी जेल में हैं। तीन फरार हैं। कस्टडी रिमांड लेने की जरूरत नहीं थी। इसलिए उनको रिमांड पर नहीं लिया गया।