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खुली हवा आपकी सांसों में घोल रही जहर, हर पल के साथ बढ़ा इंफेक्शन का खतरा, खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

Tue, 05 Nov 2019 09:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 05 Nov 2019 09:24 PM IST
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open air dissolved Poison in your breath, risk of infection increases with every moment
शहर की हवाओं में जहर घोल रहा प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में वायु प्रदूषण से खुद को बचाने के लिए बाजार में मिलने वाले एयर प्यूरी फायर काफी कारगर हैं। फिर भी जो लोग लगातार एयर प्यूरी फायर का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें खुली हवा में निकलने से पहले अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। वे प्यूरी फायर वाले कमरे से निकलने पर मास्क जरूर लगाएं। सीधे खुली हवा में जाने से इंफेक्शन का खतरा रहता है।


 
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कानपुर में सांस लेने में भी खतरा - फोटो : अमर उजाला
जिस तरह एसी में लगातार रहने से शरीर में गर्मी सहने की क्षमता कम हो जाती है। ठीक उसी तरह प्यूरी फायर का भी सिस्टम है। स्वरूप नगर की गर्ग फैमिली के लोगों का कहना है कि पहले वे इसके आदी हो गए थे। अब रात के समय प्यूरी फायर को बंद करके खिड़कियां खोलकर सोते हैं। साथ ही प्राणायाम नियमित रूप से करते हैं। इसकी वजह से अब बाहर खुले में निकलने में खास दिक्कत नहीं होती है।

 
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प्रदूषण के चलते मास्क पहन स्कूल पहुंचे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
करीब तीन यूनिट बिजली खर्च होती है
आठ घंटे तक किसी भी कमरे में रखकर एयर प्यूरी फायर को ऑन रखते हैं, तो उससे करीब तीन यूनिट बिजली खर्च हो जाती है। अभी बाजार में जो प्यूरी फायर उपलब्ध हैं, वह 20 बाई 20 के आकार वाले कमरे के लिए पर्याप्त होते हैं।

 
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मास्क पहनकर स्कूल जा रहे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
खिड़कियां बंद रखने पर जल्दी काम करता
एयर फ्यूरी फायर चलाने से पहले यदि कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद हैं तो यह प्रदूषण की मात्रा (एक्यूआई) तेजी से कम करता है। जिस एक्यूआई पर उसे सेट करेंगे कुछ देर में उसी एक्यूआई पर आ जाएगा। जैसे ऑन करने के दौरान कमरे का एक्यूआई 300 है, कुछ देर बाद यदि उसे 90 पर सेट किया गया है तो वह उसी पर आ जाएगा। उसमें रहने वाले को कमरे में यह बदलाव महसूस भी होगा।

 
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शहर में छाई रही धुंध की चादर - फोटो : अमर उजाला
इंडियन चेस्ट सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और नेशनल कालेज आफ चेस्ट के फिजीशियन डॉ. एसके कटियार ने कहा लंबे समय तक एयर प्यूरी फायर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाहर निकलने पर आम लोगों से थोड़ी ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। वैसे प्रदूषण से बचाव का सबसे सही तरीका मास्क है। इसमें भी एन-95 श्रेणी का मास्क ज्यादा कारगर होता है।
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