लापरवाही: बाढ़ पीड़ितों को बांटी एक्सपायर सिरप, पीते ही कई मासूम पड़े बीमार, मुंह बंद रखने को दिए 100 रुपये
Kanpur News: बर्रा के मायापुरम में पांडु नदी बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई 2026 की एक्सपायर सिरप बांट दी, जिससे तीन बच्चे बीमार हो गए। परिजनों ने रिश्वत देने के आरोप लगाए हैं, जबकि सीएमओ ने विभाग द्वारा सिरप बांटे जाने से साफ इंकार किया है।
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कानपुर में पांडु नदी के कहर से जूझ रहे बर्रा मायापुरम् के लोगों की समस्याएं स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ा दीं। सोमवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां पर एक्यपायर सिरप बांट दिया, जिसे पीकर कई बच्चे बीमार पड़ गए। इसके बाद लोगों ने सरकारी दवाएं फेंक दीं। मंगलवार को जब टीम पहुंची, तो उनसे दवा लेने से ही इंकार कर दिया। नजदीक के डॉक्टर से दवा लेने के बाद बच्चों की हालत सुधरी है।
सीएमओ ने इसे गलत बताया और कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरह से कोई सिरप नहीं बांटा गया है। बता दें कि लगातार पांडु नदी का पानी बढ़ रहा है। इससे आसपास रह रहे लोगों को बीमारियां भी अपनी चपेट में ले रही हैं। मायापुरम् इलाके में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगभग 20 परिवारों को दवा दी। इन दवाओं में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक सिरप भी वितरित किया।
कई बच्चों की बिगड़ गई तबीयत
इसकी मियाद जुलाई 2026 में ही पूरी हो चुकी थी। एक्सपायर सिरप पीकर जयपाल और मीना के चार वर्षीय बेटे ऋषभ को उल्टियां होनें लगीं। तत्काल उसे पास के निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। उनकी दवा से ऋषभ की हालत सुधरी। इसी तरह से दवा और सिरप लेने से सोनम और रिंकू के तीन वर्षीय बेटे रुद्र और अंकिता व अजय के तीन साल के बेटे आयुष की तबीयत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य विभाग ने कोई सिरप नहीं बांटा
इससे मायापुरम् के लोग दहशत में आ गए। इसके बाद एक्सपायर सिरप व दवाओं को फेंक दिया गया। मंगलवार को फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा लेकर पहुंची तो लोगों ने दवा लेने से इंकार कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरिदत्त नेमी ने बताया कि कार्पोरेशन सेव इस तरह के सिरप की सप्लाई नहीं हुई। नि किसी ने शरारत की है। स्वास्थ्य विभाग ने कोई सिरप नहीं बांटा।
मुंह बंद रखने के लिए 100 रुपये दिए
मंगलवार को जब मीडिया कर्मियों ने एक्यपायर सीरप की जानकारी करनी चाही, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम फिर से पहुंच गई। ऋषभ की मां मीना ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर गलती से सिरप दिए जाने की बात कहकर गलती मानी है। बच्चे के इलाज को 100 रुपये दे रहे थे, पर हमने लिए नहीं। अगर एक्यपायर सिरप से बेटे की मौत हो जाती, तो कौन जिम्मेदार होता। इसके जवाब पर स्वास्थ्य कर्मी चुप हो गए।