‘मुझे दीपक की शादी का इंतजार था। जब भी आता तो इसी पर बात होती कि जल्दी शादी करे और हम सारे दोस्त बारात में खूब मस्ती करें। हमें क्या पता था कि वो ऐसी बारात करवाएगा कि पूरा शहर उमड़ पड़ेगा। सोचा नहीं था मेरे यार की बरात ऐसी होगी। यह कहकर दीपक का बचपन का दोस्त आकाश फूट फूटकर रोने लगता है।
आकाश के साथ उसके हमउम्र साथी थे। सभी गुमसुम थे और आंखें नम थीं। आकाश तो दीपक की फोटो सीने से चिपकाए लगातार सिसकियां लिए जा रहा था। इंडियन एक्स सर्विसेज लीग के अध्यक्ष कैप्टन योगेंद्र सिंह कटियार और मेजर केके सिंह ने उन्हें समझाया। आकाश ने बताया कि वे कक्षा-6 से साथ साथ पढ़े हैं। बचपन से लेकर जवानी में कदम साथ ही रखा। हममें हर तरह की बातें होती थीं। दीपक की आदत थी कि जरा सा भी उदास देख ले तो बात पता किए बिना मानता नहीं था।
पढ़ाई के दौरान तो सब ऐसे ही चलता रहा, लेकिन जब उसकी नौकरी लगी तो हम सभी ने उसे बहुत याद किया। जब भी कोई खुशी का मौका आता और बहुत सारे दोस्त इकट्ठा होते लेकिन दीपक नहीं आ पाता तो हमें अच्छा नहीं लगता। हमेशा यही सोचकर संतुष्ट हो लेते थे कि जब भी मिलेंगे, हर पल का मजा एक साथ लेंगे। अब ऐसा कभी नहीं आएगा। हमें दीपक के बगैर ही जिंदगी जीनी होगी। दीपक की ऐसी ही तमाम बातों को याद दोस्त सिसकियां भरने लगते।
दीपक की शहादत भले ही एमआई-17 हेलीकॉप्टर के क्रैश होेने से हुई हो, लेकिन यह हादसा भी ऐसे मौके पर हुआ जब सीमा पर भारत-पाक के बीच हालात ठीक नहीं हैं।
लोगों की मांग है कि हेलीकॉप्टर क्रैश होने की वजह सामने आनी चाहिए। यदि इसमें पाकिस्तान की नापाक हरकत हो तो उसे मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। गुस्साए लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।