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रमजान 2018: 47 डिग्री पारे में 15 घंटे का होगा पहला रोजा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 17 May 2018 08:01 AM IST
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डेमाे पिक
बांदाः हिजरी वर्ष 1439 (2018 ईस्वी) का रमजान शुक्रवार को 47 डिग्री पारे के बीच शुरू होगा। शिद्दत की तपिश में पहले ही दिन रोजदारों को 15 घंटे बिन पानी के रहकर कठिन तपस्या से गुजरना होगा। खास बात यह है कि दिन-ब-दिन रोजे की अवधि बढ़ती जाएगी। आखिरी रोजा 15 घंटा 22 मिनट का होगा। तरावीह की विशेष नमाज गुरुवार की रात शुरू हो जाएगी। यह पूरे माह चलेगी।
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बुधवार को इस्लामी कलेंडर के शाबान माह की 29वीं तारीख थी। उम्मीद थी कि इस दिन रमजान का चांद नजर आएगा। लेकिन चांद नहीं हुआ। अब रमजान माह शुक्रवार 18 मई से शुरू होगा। तरावीह 17 मई की रात ईशा की नमाज से शुरू हो जाएंगी।
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मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में 18 मई को अधिकतम पारा 47 डिग्री रहना बताया है। यानी पहले ही दिन रोजदारों को तपिश में तपना होगा। सबसे खास बात इस लंबी मुद्दत में पानी की बूंद भी नहीं ली जा सकेगी। पहले रोजे की सहरी शुक्रवार को तड़के 3 बजकर 52 मिनट तक खत्म हो जाएगी। इफ्तार शाम सूरज ढलने पर 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। यानी पूरे 15 घंटे रोजदार भूखे और प्यासे रहेंगे।
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डेमाे पिक
तरावीह की विशेष 20 रकात नमाज गुरुवार को हर मस्जिद में शुरू हो जाएगी। कुछ स्थानों पर तीन दिनों में या पांच दिनों में तरावीह में कुरान का पाठ पूरा होगा। नवाबी जामा मस्जिद में मौलाना हबीब अहमद व हाफिज अनस अहमद तरावीह की नमाज अदा कराएंगे। यहां 10 दिनों में कुरान पूरा होगा।
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इसी तरह कोतवाली रोड मरकज की मस्जिद में पांच दिनों में कुरान पूरा होगा। कालवन गंज स्थित शेख सरवर साहब की मस्जिद और हाथी खाना स्थित रब्बानिया मस्जिद में भी तरावीह और रमजान की तैयारियां की गई हैं। नवाबी जामा मस्जिद में रोजाना सामूहिक इफ्तार होगा। उधर, बुधवार को सूरज ढलते ही रमजान का चांद देखने की कोशिशें की गईं। आसमान साफ था। चांद नजर नहीं आया। किसी भी रूयते हिलाल (चंद्र दर्शन समिति) ने चांद की तस्दीक नहीं की।