{"_id":"5efae9ed0a9cd80c6f7b315f","slug":"kid-did-not-get-treatment-due-to-fear-of-corona-virus-died","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: कोरोना नहीं कोरोना के डर ने ली मासूम की जान, अस्पताल के गेट पर सिर पकड़ घंटों रोई मां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: कोरोना नहीं कोरोना के डर ने ली मासूम की जान, अस्पताल के गेट पर सिर पकड़ घंटों रोई मां
Tue, 30 Jun 2020 01:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Jun 2020 01:11 PM IST
विज्ञापन
मासूम को सीने से लगाकर रोता पिता, बदहवास मां
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में दिमागी बुखार से पीड़ित एक मासूम को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कोरोना के डर से इलाज करना तो दूर घंटों छुआ तक नहीं। बुखार से तपते बेटे को गोद में लेकर पिता इधर से उधर भटकता रहा पर किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। आखिर में जब डाॅक्टर ने उसकी जांच की तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
जब डॉक्टर ने की जांच तब तक थम गईं सांसें
- फोटो : amar ujala
इलाज के आभाव में बच्चे की मौत के गम में डूबे माता पिता घंटों अस्तपाल के गेट पर अपना सिर पकड़कर आंसू बहाते रहे। चार साल के मासूम की मौत ने पिता को झकझोर कर रख दिया। बेटे को सीने से लगा वो दहाड़े मारकर रोया। पूरी घटना को किसी ने कैमरे में कैद कर वीडियो वॉयरल किया तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर निवासी प्रेम चंद्र के चार वर्षीय पुत्र अनुज को कई दिनों से बुखार आ रहा था।
बेटे को सीने से लगा रोया पिता
- फोटो : amar ujala
रविवार को बुखार के चलते हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। काफी देर तक वह बच्चे को लेकर इधर-उधर भटकता रहा। इसके बाद इमरजेंसी में लेकर पहुंचा। बच्चे की हालत खराब होने से डाॅ. वीके शुक्ला ने जांच करने के बाद बच्चे को डाॅक्टर पीएम यादव के पास भेजा। जब पिता उसे लेकर डॉक्टर के पांस पहुंचे तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेटे की मौत पर फूटा आंसुओं का सैलाब
- फोटो : amar ujala
इस पर परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा काटना शुरू कर दिया। प्रेमचंद्र ने जिला अस्पताल के डाॅक्टरों पर आरोप लगाया कि कोरोना के चलते उसके बच्चे को इलाज नहीं दिया गया। इससे उसकी मौत हो गई। आधा घंटे तक हंगामा करने के बाद जानकारी सीएमएस को हुई तो उन्होंने परिजनों को समझाकर शव के साथ परिजनों को शव वाहन से घर भेजा। सीएमएस डाॅ. यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे को पहले इमरजेंसी में उपचार दिया गया।
विज्ञापन
पिता बोला इलाज मिलता तो बच जाती बेटे की जान
- फोटो : amar ujala
दिमागी बुखार होने से डाॅ. पीएम यादव ने भी देखा और बच्चे को कानपुर लेजाने की सलाह दी। समय से जिला अस्पताल न लाने से उसे कानपुर नहीं भेजा जा सका। उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है। वहीं सीएमओ डाॅ. कृष्ण स्वरूप ने बताया उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कोरोना के डर से इलाज ने मिलने से बच्चे की मौत के मामले को सीएम योगी ने संज्ञान लेकर डीएम को जांच कर फौरन रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।