कानपुर के संजीत अपहरण कांड में बहन रूची ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाए हैं। बहन ने चीखते हुआ कहा कि पुलिस ने पहले फिरौती दिलवाई। इसके बाद भी मेरे भाई को नहीं छुड़वा पाई। पुलिस रुपये और मेरे भाई दोनों को खा गई। अगर पुलिस सतर्क होती तो मेरा भाई बच सकता था। पुलिस की लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
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Kanpur Kidnapping: चीखते हुए बोली संजीत की बहन, पुलिस रुपये और मेरे भाई दोनों को खा गई
Fri, 24 Jul 2020 03:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 24 Jul 2020 03:41 PM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
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- फोटो : amar ujala
संजीत यादव की बहन ने बताया कि पहले बर्रा के थाना इंचार्ज रणजीत राय ने कहा, फिर मैं साउथ मैडम के पास गई थी, तो मैडम ने कहा कि जाइए पैसे की व्यवस्था कीजिए, पैसा नहीं जाएंगा और बच्चा वापस आ जाएगा। उनके कहने पर हमने फिरौती की रकम दी थी।
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संजीत यादव की बहन ने कहा कि पुलिस शुरुआत से लापरवाही कर रही है। मेरा भाई घर से सिर्फ डेढ़ किमी दूर था और पुलिस नहीं ढूंढ सकी। अभी भी पुलिस को संजीत का बैग नहीं मिला है। अभी तक हमें उसकी लाश भी नहीं मिली है। हमें बॉडी तो दिखा दो, आखिरी बार उसकी कलाई पर राखी तो बांध लूं। उसका चेहरा देख लूं।
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- फोटो : amar ujala
बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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- फोटो : amar ujala
पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी।