संजीत हत्याकांड: धरने पर बैठे पिता और बहन की पुलिस से झड़प, आठ घंटे रहे हिरासत में
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इसके बाद पुलिस पिता-बहन समेत तीन को हिरासत में थाने ले गई। करीब आठ घंटे बाद शाम करीब छह बजे उन्हें छोड़ा गया। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे संजीत के पिता, बहन व मां सीबीआई जांच की मांग, पूर्व बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय व पूर्व जनता नगर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर शास्त्रीचौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को निकले थे।
उनके साथ मोहल्ले के भी चार लोग थे। करीब दो सौ मीटर चलने के बाद बर्रा थाने के पुलिस ने उन्हें रोक लिया। यहां पुलिस और परिजनों के बीच जमकर झड़प हुई। दो महिला कांस्टेबलों ने मां को पकड़कर घर में ले जाकर कैद कर दिया लेकिन बाकी लोग शास्त्री चौक पहुंचकर धरने पर बैठ गए। एसपी साउथ और सीओ की सूचना पर जूही व नौबस्ता थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस संजीत के पिता चमन सिंह, बहन रुचि और भांजे को जीप में डालकर थाने ले आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस के मना करने के बाद भी पिता व बहन धरने से उठने को तैयार नहीं थे। इस पर दो सिपाहियों ने पिता को उठा लिया। धक्कामुक्की के बीच चमन सिंह के हाथ में चोट भी लग गई। वहीं, महिला कांस्टेबलों ने जब रुचि को उठाने का प्रयास किया तो वह सड़क पर लेट गई। इस पर कांस्टेबलों ने रुचि के बाल पकड़कर खींचा और पीटने के बाद जीप में डाल लिया। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि धरना प्रदर्शन के लिए मना किया गया है। मारपीट की बात गलत है।
करीब दो घंटे बाद गोविंदनगर सीओ विकास पांडेय पुलिस के साथ संजीत की मां कुसुमा देवी को हिरासत में लेने घर पहुंचे। मां ने बेटी व पति के विषय में पूछा तो सीओ ने उन्हें भी साथ चलने को कहा। मां के मना करने पर उन्होंने पति या बेटी से बात कराने को कहा। इस पर सीओ ने इनकार कर दिया। करीब आधा घंटे बाद सीओ लौट गए।
संजीत अपहरणकांड में पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। कुछ साक्ष्यों को बरामद करना बाकी है। ऐसे में परिजनों को धरना प्रदर्शन या विरोध प्रदर्शन के लिए भड़काने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी