गंगा में डूबे यशराज और उसके तीनों दोस्तों ने शनिवार को ही सेंट्रल पार्क में क्रिकेट मैच खेलने जाने का प्लान बनाया था। तय समय के मुताबिक रविवार सुबह सात बजे ही चारों दोस्त अपने-अपने घर से निकले। मोहल्ले में एक स्थान पर मिले और वहां से साइकिल लेकर सेंट्रल पार्क में क्रिकेट मैच खेलने पहुंच गए।
यशराज (17) के साथ गए हरदेवनगर नौबस्ता निवासी अथर्व तिवारी, संजय गांधीनगर निवासी कृष्णा शुक्ला ने बताया कि रास्ते में ही यशराज ने बुद्धा पार्क जाने की बात कह दी। पार्क में कुछ देर साइकिल से स्टंटबाजी की लेकिन फिर वहां से अटल घाट में घूमने का प्लान बन गया। अटल घाट पहुंचने पर सभी दोस्त कुछ ही देर रुके। वहां पर लोगों को गंगा में नहाते देख यशराज ने सभी को नहाने के लिए कहा लेकिन पानी गहरा होने की दलील देकर सभी ने मना कर दिया।
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परमट घाट पर छात्र के डूबने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इसपर चारों परमट घाट आ गए। कृष्णा ने बताया कि यश पैंट समेटकर गंगा में उतरा तो सभी ने मना कर दिया। इस पर यश ने सभी को दोस्ती की कसम देकर पानी में आने की बात कही। बात दोस्ती की आई तो तीनों यशराज का साथ देने गंगा में उतर गए।
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परमट घाट पर छात्र के डूबने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि रामचंद्र और कृष्णा किनारे रह गए जबकि यशराज और अथर्व बल्ली पार कर आगे पहुंच गए। अथर्व ने बताया कि जब यश डूबने लगा तो मैने बचाने के लिए हाथ बढ़ाया लेकिन तब तक यश काफी गहराई में जा चुका था।
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परमट घाट पर छात्र के डूबने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच अथर्व भी डूबने लगा तो पास मौजूद एक नाविक ने उसे खींचकर बाहर निकाल लिया और उसकी पिटाई करने के बाद किनारे छोड़ दिया। हालांकि तीनों ने किसी को भी यशराज के डूबने की जानकारी नहीं दी और वहां से डर के मारे चुपचाप चले गए।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की सुरक्षा हो गई फेल
गंगा दशहरा को लेकर तीन दिन से शहर में घाटों की सुरक्षा की योजना तैयार की जा रही है। इसके बाद भी परमट घाट पर हादसा हो गया। घाट पर पुलिस कर्मी भी तैनात थे और गोताखोर भी। साथ ही बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी लेकिन पुलिस को यश के डूबने की बात पता भी न चल सकी। लोगों ने बताया कि घटना के वक्त परमट चौकी प्रभारी घाट पर मौजूद नहीं थे।