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Vikas Dubey News: क्या है विकास दुबे का नक्सली कनेक्शन, कहां से आई थी पुलिस पर गोलियों की बौछार करने वाली राइफल
Wed, 08 Jul 2020 05:32 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 08 Jul 2020 05:32 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
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कानपुर एनकाउंटर के दौरान दहशतगर्द विकास दुबे ने बारी-बारी से दो 30 स्प्रिंगफील्ड राइफल से पुलिस पर गोलियां बरसाईं थीं। इसमें से एक राइफल उसके भाई के नाम पर है। यह राइफल नक्सलियों को असलहा सप्लाई करने वाले गन हाउस से खरीदी थी। गन हाउस कानपुर की मेस्टन रोड पर है।
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- फोटो : अमर उजाला
ये खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। राइफल के लाइसेंस के दस्तावेजों की बारीकी से तफ्तीश जारी है। एटीएस ने 2017 जुलाई में कानपुर के चार गन हाउस मालिकों को जेल भेजा था। नक्सलियों के बिचौलियों को गन हाउस मालिकों ने फर्जी दस्तावेजों पर असलहे बेचे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
इन्हीं गन हाउस मालिकों ने कानपुर में पकड़े गए आईएसआईएस के खुरासन मॉड्यूल को भी कारतूस बेचे थे। इन्हीं गन हाउस मालिकों से विकास दुबे के भाई ने कुछ साल पहले राइफल खरीदी है। जांच की जा रही है कि आखिर केस दर्ज होने के बावजूद विकास के भाई को लाइसेंस कैसे मिला। पुलिस को आशंका है कि फर्जी दस्तावेजों पर राइफल खरीदी गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
जितनी चाहता उतनी गोलियां लेता था
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गन हाउस मालिक से विकास दुबे की साठगांठ थीं। गन हाउस मालिक उससे डरता भी है। यही कारण है कि विकास जितने कारतूस चाहता था, उतने कारतूस मिल जाते थे। सूत्रों के मुताबिक गन हाउस मालिक भी रडार पर है। लेखा-जोखा जांचने की तैयारी हो रही है। अगर गड़बड़ियां मिलीं तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गन हाउस मालिक से विकास दुबे की साठगांठ थीं। गन हाउस मालिक उससे डरता भी है। यही कारण है कि विकास जितने कारतूस चाहता था, उतने कारतूस मिल जाते थे। सूत्रों के मुताबिक गन हाउस मालिक भी रडार पर है। लेखा-जोखा जांचने की तैयारी हो रही है। अगर गड़बड़ियां मिलीं तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
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तब बरामद हुई थी ये राइफल
2017 में जब लखनऊ से एसटीएफ ने विकास दुबे को गिरफ्तार किया था। उसके पास से यही 30 स्प्रिंगफील्ड राइफल बरामद हुई थी। एक साल बाद अप्रैल 2018 में कोर्ट से विकास ने इसे छुड़वा लिया था। अब पुलिस जांच रही है कि अन्य जो असलहे विकास के गुर्गों के पास हैं, वो कहां से खरीदे गए और कागजात कौन से लगाए गए।
2017 में जब लखनऊ से एसटीएफ ने विकास दुबे को गिरफ्तार किया था। उसके पास से यही 30 स्प्रिंगफील्ड राइफल बरामद हुई थी। एक साल बाद अप्रैल 2018 में कोर्ट से विकास ने इसे छुड़वा लिया था। अब पुलिस जांच रही है कि अन्य जो असलहे विकास के गुर्गों के पास हैं, वो कहां से खरीदे गए और कागजात कौन से लगाए गए।