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Kanpur Encounter: विकास दुबे के गुर्गे ने किया बड़ा खुलासा, बताया पुलिस वाले 'पंडित जी' बोल छूते थे पैर
Tue, 07 Jul 2020 11:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 Jul 2020 11:21 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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कानपुर एनकाउंटर के बाद हुई मुठभेड़ में पकड़े गए विकास दुबे के खास गुर्गे दया शंकर ने खुलासा किया है कि बहुत से पुलिसकर्मी पंडित जी बोलकर उसके पैर छूते थे। जो वो कहता था, करते थे। उसने पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए थे। फिर भी अफसर चुप हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
चौबेपुर के बिकरू गांव में दबिश की सूचना लीक करने वाले विभीषण का सटीक पता पुलिस अफसर पांच दिन बाद भी नहीं लगा सके हैं। कार्रवाई के नाम पर पहले थानेदार और अब दो दरोगा व एक सिपाही निलंबित किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से चौबेपुर पुलिस की करतूत पर लीपापोती जारी है।
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात पुलिस पर हमला हुआ था। दूसरे ही दिन पुलिस अफसरों को पता चल गया था कि थाने से ही विकास को मुखबिरी हुई थी। एसपी ग्रामीण को जांच सौंपी गई है। हैरानी की बात ये है कि पांच दिन बाद भी पुलिस मुखबिर तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुखबिरी करने वालों के नाम हर कोई जानता है।
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Kanpur Encounter
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जांच के नाम पर अभी उनके नाम नहीं खोले जा रहे हैं। सवाल है कि क्या मुखबिरों को बचाया जा रहा है। वारदात के बाद एसएसपी का कहना था कि चौबेपुर थाने में हर रोज विकास दुबे आता-जाता रहता था। लगभग सभी पुलिसकर्मी उसके संपर्क में रहते थे। हालांकि एडीजी जोन जयनारायण सिंह ने कहा था कि मुखबिर का पता चल गया है लेकिन अभी नाम का खुलासा नहीं किया जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
खासतौर पर एसओ, चौकी इंचार्ज और चौकी के सिपाही। जिसके बाद इन सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल जब्त कर लिए गए थे। सीडीआर खंगाली गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसमें अहम साक्ष्य मिले हैं। इसके बावजूद पुलिस उसको दरकिनार कर एफआईआर के बजाए निलंबन की कार्रवाई कर रहे है।