{"_id":"5f7d564099153e2b955d58e2","slug":"kanpur-encounter-vikas-dubey-encounter-news-there-is-something-that-ujjain-police-is-hiding-new-revelaing-about-vikas-dubey-s-surrender-and-encounter","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: कुछ तो है जो उज्जैन पुलिस छिपा रही, विकास दुबे के सरेंडर और एनकाउंटर को लेकर नया खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: कुछ तो है जो उज्जैन पुलिस छिपा रही, विकास दुबे के सरेंडर और एनकाउंटर को लेकर नया खुलासा
Thu, 08 Oct 2020 05:31 PM IST
शाहरुख खान
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 08 Oct 2020 05:31 PM IST
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
उज्जैन के महाकाल मंदिर में दहशतगर्द विकास दुबे के सरेंडर करने में कुछ तो ऐसा है, जिसे वहां की पुलिस छिपा रही है। जांच में कानपुर पुलिस का सहयोग न करने के साथ ही मंदिर के जिस कर्मचारी ने बयान दर्ज कराए, उस पर ही कार्रवाई कर दी गई। यह कार्रवाई एसपी उज्जैन की संस्तुति पर महाकाल मंदिर प्रशासन ने की है।
kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
यह पूरी कवायद एक सफेदपोश को बचाने के प्रयास में की जा रही है। इसी कर्मचारी ने भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को गिरफ्तार कराने में अहम जानकारियां दी थीं। विकास दुबे की गिरफ्तारी नौ जुलाई को उज्जैन महाकाल मंदिर से स्थानीय पुलिस ने की थी। यूपी पुलिस व एसटीएफ की टीम विकास को लेकर कानपुर आ रही थी।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
10 जुलाई की सुबह सचेंडी में विकास एनकाउंटर में मारा गया था। एनकाउंटर की जांच गोविंदनगर इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र कर रहे हैं। जांच के सिलसिले में अनुराग मिश्र के नेतृत्व में पुलिस की टीम 24 सितंबर को उज्जैन पहुंची थी। पुलिस ने महाकाल मंदिर के कर्मचारी गोपाल कुशवाहा से पूछताछ की।
विज्ञापन
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
गोपाल ने बताया कि विकास ने आकर उससे पूछा था कि बैग और चप्पल कहां रखें। इसके बाद बैग में ही चप्पल रखकर उसे पकड़ा गया था। कुछ देर बाद मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस ने फूल बेचने वाले सुरेश कुमार से भी पूछताछ की। इसके बाद टीम लौट आई।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ के ठीक अगले दिन पुलिस अधीक्षक अनुभाग महाकाल उज्जैन की तरफ से 25 सितंबर को मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी को पत्र लिखकर गोपाल की भूमिका संदिग्ध बताई गई। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने गोपाल को नोटिस जारी कर दिया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनुराग मिश्र का कहना है कि गोपाल से पूछताछ की है। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है।