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क्रिकेट के मैदान पर वंदे मातरम: कांग्रेस बोली- आखिर इससे क्या हासिल होगा? नकवी से ट्रॉफी न लेने को बताया नाटक

Mon, 14 Sep 2026 11:51 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 14 Sep 2026 11:51 AM IST
सार

भारत-अफगानिस्तान के पहले टी-20 मुकाबले से पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पहली बार ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे बजाए जाने को लेकर कांग्रेस सांसद उदित राज ने सवाल उठाए है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने पर भी सवाल उठाए है। 

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Vande Mataram on cricket field Congress leader Udit Raj asks what will achieved by this
उदित राज, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में पहली बार रविवार को राजधानी दिल्ली में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई दी। अरुण जेटली स्टेडियम में मैच शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे बजाए गए। इस मौके पर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और अन्य लोगों ने राष्ट्रगीत का सम्मान किया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बीसीसीआई के सूत्रों के हवाले से बताया कि अब भारत में होने वाली हर घरेलू सीरीज के पहले मुकाबले से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। यानी भारत में किसी भी द्विपक्षीय घरेलू सीरीज की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ होगी।

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सभी छह अंतरे बजाए जाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
हालांकि, राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे बजाए जाने को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस एक बार फिर असहज नजर आया। कांग्रेस पहले से ही ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे बजाए जाने का विरोध करती रही है। पार्टी नेता उदित राज ने सवाल उठाया कि आखिर इसका औचित्य क्या है। उदित राज ने कहा, ‘बिना किसी कारण के ऐसा करने का क्या मतलब है? क्या इससे रोजगार पैदा होगा? क्या इससे भारतीय टीम मजबूत होगी? या इससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमें कोई फायदा मिलेगा, जहां हम काफी पीछे हैं? हमारा निर्यात घट रहा है और देश का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। जेनरेशन जेड की समस्याओं का क्या होगा? गंभीर समस्याएं हैं। क्या इससे उनका समाधान होगा? वे केवल एक नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’
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ट्रॉफी लेने से इनकार पर उदित राज बोले- यह सिर्फ ड्रामा
वहीं, राज ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से महिला एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आलोचना की है। उन्होंने इसे ‘ड्रामा’ और ‘थियेट्रिक्स’ करार दिया। मीडिया से बातचीत में राज ने कहा कि जब पाकिस्तान की टीम भारत आ चुकी है, उसके खिलाड़ी यहां रहकर मैच खेल रहे हैं, तो नकवी के हाथ से ट्रॉफी न लेने का फैसला सिर्फ दिखावा है। भारतीय टीम ने रविवार को श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीता। इससे पहले भारतीय पुरुष टीम भी दुबई में नकवी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर चुकी है। महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी साथी खिलाड़ियों ने भी पुरस्कार समारोह में यही रुख अपनाया।
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1937 में पहले दो अंतरे चुने गए थे
कांग्रेस ने हाल ही में अपनी कार्यसमिति की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरों का इस्तेमाल जारी रखने का फैसला किया था। पार्टी ने इसके लिए 1937 में कांग्रेस द्वारा पारित प्रस्ताव का हवाला दिया था। ‘वंदे मातरम’ के पहले दो अंतरों को 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीत के रूप में चुना था। इसके बाद 1950 से भारत की संविधान सभा ने इसे ‘राष्ट्रीय गीत’ के रूप में मान्यता दी।

गृह मंत्रालय ने जारी किए थे नए दिशानिर्देश
6 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के आयोजनों के तहत इसके गायन और वादन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों में 3 मिनट 10 सेकंड की आधिकारिक प्रस्तुति निर्धारित की गई थी। साथ ही, राष्ट्रगीत बजाए जाने के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों के लिए सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य किया गया था।

राष्ट्रपति और राज्यपालों की मौजूदगी वाले आयोजनों में पूरा संस्करण
गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों में ‘वंदे मातरम’ के संपूर्ण छह-अंतरा वाले संस्करण को राष्ट्रपति या राज्यपालों की मौजूदगी वाले औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में बजाने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा राष्ट्रपति के रेडियो और टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले संबोधन से पहले और बाद में, राष्ट्रीय ध्वज के परेड में लाए जाने के दौरान तथा इसी तरह के अन्य अवसरों पर भी इसके पूर्ण संस्करण के गायन या वादन का प्रावधान किया गया था।

कश्मीर फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था विवाद
पूरे ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस का अपने जम्मू-कश्मीर सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी हाल में विवाद हुआ था। श्रीनगर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण बजाया गया था। उस समय नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी वहां मौजूद थे।


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भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा ने ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण संस्करण के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने कांग्रेस के रुख को उसकी ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ और ‘मुस्लिम लीग की मानसिकता’ का प्रतिबिंब करार दिया है।

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