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विकास दुबे तालाब और कुएं में छिपाता था हथियार, एसटीएफ ने तीन दिन तक ढूंढे अब फिर चलेगा सर्च ऑपरेशन
Sun, 19 Jul 2020 05:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 Jul 2020 05:51 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में विकास दुबे और उसके गुर्गों के इस्तेमाल किए हथियारों की बरामदगी के मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। गांव में स्थित कुएं व तालाब में कराई छानबीन के बावजूद कुछ हासिल न होने से आशंका बढ़ी है कि कहीं पांडु नदी अथवा आसपास स्थित जंगल में हथियार फेंक दिए गए हैं।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
जल्द ही पांडु नदी व इसके इर्दगिर्द इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा सकता है। वारदात के बाद बदमाश पांडु नदी पर विकास दुबे द्वारा बनवाए गए लोहे के पुल के रास्ते ही भागे थे। यह भी आशंका है कि भागते हुए सभी शिवली के जागेश्वर मंदिर पहुंचे और यहां स्थित गहरे तालाब में अपने हथियार फेंक दिए हों। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का गुनहगार विकास दुबे मारा गया है।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
उसके कई साथी भी मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। पुलिस ने विकास का घर और गाड़ियाें पर भी बुलडोजर चलवा दिया है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक विकास दुबे के सेमी ऑटोमेटिक राइफल और स्प्रिंग राइफल जैसे हथियार बरामद नहीं कर सकी है। बिकरु गांव में विकास दुबे के घर के पास बने तालाब में एसटीएफ की टीमें तीन दिन से हथियार को खोजने में जुटी हैं लेकिन कहीं कुछ नहीं मिल रहा।
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- फोटो : अमर उजाला
जांच एजेंसियों को शक है कि विकास ने इसी तालाब में हथियार फेंके होंगे। गुरुवार को एसटीएफ टीम चार गोताखोरों के साथ गांव पहुंची थी और कोठी के पीछे लगभग 150 मीटर दूर तालाब की तरफ चली गई। बगल के बाग में टीम ने ढेरा डाल दिया था। चारों गोताखोरों को तालाब में उतार कर ढाई-तीन घंटे तक हथियारों की तलाश कराई। फिलहाल कुछ मिला नहीं। इस बारे में पूछने पर टीम के सदस्यों ने बताया कि विकास और उसके गुर्ग सेमी ऑटोमेटिक राइफल और अन्य राइफलें लेकर नहीं भागे।
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- फोटो : अमर उजाला
आशंका है कि उन्होंने इन्हें तालाब में छिपाया होगा। इसीलिए यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तालाब में पानी ज्यादा है। इसे निकालने के लिए पम्पिंग सेट लगवाया है। तीन दिन तक सर्च ऑपरेशन के बाद भी कुछ नहीं मिलने के बाद रविवार सुबह इस सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया गया। अब दूसरी लखनऊ और कानपुर से दो टीमें बिकरू गांव पहुंच रही है। जो फिर से विकास दुबे के हथियार को खोजेंगी।