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एसटीएफ ने रास्ते भर विकास दुबे से की थी पूछताछ, कई बातें सुनकर पुलिस भी रह गई थी हैरान
Mon, 13 Jul 2020 09:45 AM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 13 Jul 2020 09:45 AM IST
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विकास दुबे को लाया जा रहा था कानपुर
- फोटो : amar ujala
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद से ही कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे फरार चल रहा था। हर तरफ दबिश देने और सघन जांच के बाद उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया। हालांकि उसकी न्यायिक प्रक्रिया नहीं हो पाई, क्योंकि रास्ते में सड़क दुर्घटना का फायदा उठाकर भागने के प्रयास पर उसे पुलिस ने ढेर कर दिया।
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था। इस दौरान रास्ते भर एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ करती रही। इस दौरान विकास ने कई तरह की जानकारियां दीं जो पुलिस के लिए भी हैरान करने वाली हैं।
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि विकास दुबे को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने का जरा भी पछतावा नहीं था। पूछताछ में उसने बताया था कि दो जुलाई की रात को उसे सीओ पर तो गुस्सा था ही, साथ ही अपने एनाउंटर का भी डर था। इन्हीं सब उथल-पुथल के बीच उसने ठान ली थी कि वह किसी भी हाल में गिरफ्तारी नहीं देगा। इसी के लिए उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार डाला।
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विकास दुबे को लाया जा रहा था कानपुर
- फोटो : amar ujala
एसटीएफ द्वारा पछतावे की बात पूछने पर उसने कहा कि अब जो हो गया सो हो गया। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक उसका व्यवहार और बातचीत किसी साइको किलर की तरह थी। सनक में उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला था। एसटीएफ को उसने बताया था कि जब उसको थाने से सूचना मिली तो उसने मोर्चा लेने की ठान ली।
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विकास दुबे को लाया जा रहा था कानपुर
- फोटो : amar ujala
उसके साथी अमर दुबे व अतुल समेत कई अन्य शराब के नशे में धुत थे। जब इन लोगों ने पुलिस पर हमला कर गोलियां चलाईं तो उन्हें खुद नहीं पता था कि वो कितनी गोलियां मार रहे हैं।