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Kanpur Encounter: एसआईटी ने सुनी भाजपा नेता और प्रिंसिपल हत्याकांड की कहानी, तब हुआ विकास दुबे की दहशत का अंदाजा
Mon, 13 Jul 2020 02:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 13 Jul 2020 02:08 PM IST
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kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा नेता व दर्जाप्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला और प्रिंसिपल सिद्घेश्वर पांडेय हत्याकांड की कहानी जब रविवार को एसआईटी ने सुनी तो विकास दुबे की दहशत का अंदाजा लग गया। दोनों के परिजनों ने हत्याकांड की एक एक बात बताई।
बिकरू गांव में जांच करने पहुंची एसआईटी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
इन सभी के बयानों को एसआईटी ने जांच में शामिल किया है। सन 2001 में जमीन के विवाद में प्रिंसिपल सिद्घेश्वर पांडेय की सात गोलियां मारकर विकास व उसके भाई दीपू ने हत्या की थी। पास के गांव के प्रेम चंद्र ने एसआईटी को बताया कि जमीन का मामूली झगड़ा हुआ था।
kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
किसी को अंदाजा नहीं था कि इस तरह की वारदात को अंजाम दे डालेगा। संतोष शुक्ला हत्याकांड के बारे में लल्लन बाजपेई ने जानकारी दी। हैरानी की बात ये है कि इस वारदात में पुलिस ने गवाही नहीं दी थी। जिससे विकास दुबे बरी हो गया था।
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kanpur encounter SIT
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानी जीती तो परिवार पर लट्ठ चलवाया
गांव निवासी एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने विकास के बाबा को प्रधानी में हराया था। इस पर विकास और उसके गुंडों ने उनके परिवार पर सरेआम गांव वालों के सामने लट्ठ चलवाया था। धमकी दी थी कि गोली मरवा देगा। इसके बाद वे लोग भागकर दूसरे गांव में रहने लगे। एसआईटी ने इसको भी जांच में शामिल किया है।
गांव निवासी एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने विकास के बाबा को प्रधानी में हराया था। इस पर विकास और उसके गुंडों ने उनके परिवार पर सरेआम गांव वालों के सामने लट्ठ चलवाया था। धमकी दी थी कि गोली मरवा देगा। इसके बाद वे लोग भागकर दूसरे गांव में रहने लगे। एसआईटी ने इसको भी जांच में शामिल किया है।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बता दें कि दो जुलाई की रात को विकास के गांव बिकरू दबिश डालने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया। पांच को गिरफ्तार कर लिया। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।