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कानपुर एनकाउंटर: फोटो हुई वायरल तो पता चला हिरासत में था श्यामू, क्या फर्जी मुठभेड़ में पुलिस ने मारी गोली
Thu, 16 Jul 2020 02:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Jul 2020 02:38 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में जिस शख्स श्यामू बाजपेई की गिरफ्तारी पुलिस ने मुठभेड़ में दिखाई वो वारदात के तुरंत बाद से ही हिरासत में था। वो 25-30 ग्रामीणों के साथ विकास दुबे के घर के बाहर बैठा था। इसकी एक फोटो बुधवार को वायरल हो गई जिसमें वो बैठा स्पष्ट नजर आ रहा है।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
अब सवाल है कि हिरासत में लेने के बाद क्या वो भाग गया था? अगर हां तो पहले गिरफ्तारी क्यों नहीं दिखाई और भागा तो मामला दबाया क्यों गया? या फिर पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद फर्जी मुठभेड़ में उसकी गिरफ्तारी दिखाई। पुलिस सवालों से घिर गई है।
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- फोटो : amar ujala
परिजन भी गंभीर आरोप लगा रहे हैं। श्यामू की पत्नी, बहन समेत पूरा परिवार आलाधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि श्यामू को पुलिस ने वारदात के बाद ही उठा लिया था। बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर, उसकी टांग में गोली मारकर गिरफ्तारी की।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बता दें कि दो जुलाई की रात को विकास के गांव बिकरू दबिश डालने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।