{"_id":"5f2385228ebc3e63c03df610","slug":"kanpur-encounter-case-vikas-dubey-encounter-gangster-on-jai-bajpai-and-his-brothers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Vikas Dubey Case: जय बाजपेई और उसके भाइयों पर गैंगस्टर, जांच में हैरान करने वाला सच आया सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vikas Dubey Case: जय बाजपेई और उसके भाइयों पर गैंगस्टर, जांच में हैरान करने वाला सच आया सामने
Fri, 31 Jul 2020 10:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 31 Jul 2020 10:35 AM IST
विज्ञापन
विकस दुबे केस
- फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और उसके तीन भाइयों पर नजीराबाद पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की है। बिकरू कांड में असलहा-कारतूस मुहैया कराने और विकास दुबे को फरार कराने की साजिश रचने के आरोप में जय जेल में है। उस पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन केस दर्ज हैं। दो जुलाई को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में पुलिस ने जय को जेल भेजा है।
विकस दुबे केस
- फोटो : amar ujala
उसने 25 कारतूस, असलहा और 2 लाख रुपये विकास को दिए थे। इंस्पेक्टर नजीराबाद ज्ञान सिंह ने बताया जांच के दौरान जय का आपराधिक इतिहास खंगाला गया है। जिसमें उसके खिलाफ डकैती, बलवा, मारपीट, लूट, आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्ज केस हैं। वहीं जांच में खुलासा हुआ कि आपराधिक संलिप्तता कर जय ने करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बनाई।
विकस दुबे केस
- फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर ने बताया बिकरू कांड वाले मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जय की संपत्ति संबंधी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से साझा की है। इसके आधार पर दोनों विभागों ने उसकी संपत्तियों की जांच शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकस दुबे केस
- फोटो : amar ujala
जय ने स्कैन कर बनवाया था सचिवालय का पास
जिन तीन कारों से जय ने विकास और उसके साथियों को वारदात के फरार कराने की साजिश रची थी, उसमें से फॉरच्यूनर कार में 0828 नंबर का विधायक का पास लगा था। ये पास नंबर अलीगंज एटा के विधायक सतपाल सिंह का था। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि जांच में पता चला कि पास जय ने ही बनवाया था। जय ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर खड़ी विधायक की कार में लगे पास को स्कैन किया था और फिर उसका प्रिंट निकलवाया था।
जिन तीन कारों से जय ने विकास और उसके साथियों को वारदात के फरार कराने की साजिश रची थी, उसमें से फॉरच्यूनर कार में 0828 नंबर का विधायक का पास लगा था। ये पास नंबर अलीगंज एटा के विधायक सतपाल सिंह का था। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि जांच में पता चला कि पास जय ने ही बनवाया था। जय ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर खड़ी विधायक की कार में लगे पास को स्कैन किया था और फिर उसका प्रिंट निकलवाया था।
विज्ञापन
विकस दुबे केस
- फोटो : अमर उजाला
साक्ष्य के लिए फोटो जुटाए
सीओ ने बताया जय की तीनों कारें अलग-अलग शख्स के नाम पर हैं। ऑडी भाजपा नेता प्रमोद विश्वकर्मा, फॉरच्यूनर राहुल सिंह और वेरना कपिल सिंह के नाम पर है। जांच में पता चला था कि सिबिल खराब होने की वजह से दूसरों के नाम कारें फाइनेंस करवाई थीं। शोरूम से कार खरीदने से लेकर घर ले जाने व अन्य जगहों की वो फोटो जिसमें जय परिवार समेत है, उनको पुलिस ने जुटा लिया है। सीओ के मुताबिक राहुल सिंह की पत्नी ने इससे संबंधित कई साक्ष्य आला अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं, जिनको जांच में शामिल किया गया है।
सीओ ने बताया जय की तीनों कारें अलग-अलग शख्स के नाम पर हैं। ऑडी भाजपा नेता प्रमोद विश्वकर्मा, फॉरच्यूनर राहुल सिंह और वेरना कपिल सिंह के नाम पर है। जांच में पता चला था कि सिबिल खराब होने की वजह से दूसरों के नाम कारें फाइनेंस करवाई थीं। शोरूम से कार खरीदने से लेकर घर ले जाने व अन्य जगहों की वो फोटो जिसमें जय परिवार समेत है, उनको पुलिस ने जुटा लिया है। सीओ के मुताबिक राहुल सिंह की पत्नी ने इससे संबंधित कई साक्ष्य आला अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं, जिनको जांच में शामिल किया गया है।