पाकिस्तान से चलाए जा रहे रेल जिहाद की चर्चाओं के बीच कानपुर-फर्रुखाबाद रेलरूट के बर्राजपुर-उत्तरीपुरा स्टेशन के मध्य मुड़ेरी क्रासिंग पर साजिश कर्ताओं ने फुलप्रूफ इंतजाम किए थे। साजिश कर्ताओं ने ज्वलनशील तरल, पाउडर व गैस सिलेंडर से कालिंदी एक्सप्रेस को डिरेल कर बड़ी वारदात की प्लानिंग की थी। पूरे दिन एनआईए, एटीएस और रेल अधिकारियों को रेलपथ के आसपास से कई ज्वलनशील चीजें बरामद हुई हैं।
कालिंदी होती बर्निंग ट्रेन: साजिश ऐसी…एक चिंगारी थी काफी, ट्रैक से कई ज्वलनशील चीजें बरामद, पढ़ें पूरा खुलासा
मुड़ेरी पहुंची जांच अधिकारियों की टीम रविवार आठ सितंबर की शाम सूरज ढलने के बाद साजिश करने वालों की कार्यशैली को लेकर भी सक्रिय हैं। साजिश कर्ता रेलपथ के पिलर नंबर 3717-3718 के मध्य झाड़ियों पर कैसे पहुंचे। आने के कितने रास्ते हैं, कैसे आए, ज्वलनशील पदार्थ कैसे लाए की भी मॉक डील कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
घटना के खुलासे के लिए यूपी पुलिस के कई होनहार सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी लगाया गया है, जो आसपास के गांवों-इलाकों में आम आदमी बनकर साक्ष्य जुटा रहे हैं। जांच अधिकारियों का आशंका है साजिशकर्ताओं ने रेललाइन पर पड़े बोल्डर को हटाकर करीब पांच से 10 इंज गड्ढा खोद उसमें गैस सिलेंडर रखा था, जबकि आसपास रेलवे ट्रैक पर ज्वलनशील तरह और पाउंडर का छिड़काव किया था।
बारिश होने से साक्ष्य पड़े कमजोर
रेल कर्मियों की मानें, तो बर्राजपुर रेलवे स्टेशन से कालिंदी एक्सप्रेस छूटने के बाद करीब 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफतार में रही। इससे गैस सिलेंडर रेल इंजन के आयरन गार्ड से टकराता हुआ, रेलपथ की गहरी झाड़ियों में जा गिरा और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। डीसीपी राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को हुई जांच पड़ताल में डॉग स्क्वायड टीम रेलपथ पर जहां ज्वलनशील चीजें मिले हैं। उससे कई मीटर दूर तक स्मेल आने पर पहुंची थी,लेकिन बारिश होने और लोगों के आवागमन गमन के साक्ष्य कमजोर पड़ गए।
बोतल में पेट्रोल देना वर्जित, कई पंपों संदेह के घेरे में
शिवराजपुर में मुड़ेरी रेल क्रासिंग के करीब आधा किमी दूर पूर्व दिशा में जबकि करीब दो किमी दूर पश्चिम दिशा में एक पेट्रोल पंप भी है, यहां बीते एक सप्ताह के सीसीटीवी फुटेज जांच अधिकारी देख रहे हैं कि डिलीवरी मैन द्वारा किसको बोतल या फिर या किसी पात्र में पेट्रोल डीजल बिक्री किया गया।