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PHOTOS: ‘कैफी-शौकत आजमी की प्रेमकथा’, अभिनेत्री शबाना आजमी ने किए खुलासे

Mon, 08 Oct 2018 12:05 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 08 Oct 2018 12:05 AM IST
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Kaifi Azmi and Shaukat Azmi's love story
अभिनेत्री शबाना आजमी - फोटो : अमर उजाला

अद्भुत, अद्वितीय और अकल्पनीय... कल्पनाएं जब साकार होती हैं तो कितना खूबसूरत रूप लेती हैं, यह रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में देखने को मिला। यहां कैफी आजमी और शौकत आजमी की प्रेमकथा को एक ऐसे म्यूजिकल प्ले ‘कैफी और मैं’ में पिरोया गया जिसे देखकर कानपुरिए मंत्रमुग्ध हो गए। न अभिनय, न तड़कती-भड़कती मंच सज्जा। कुर्सी पर बैठे दो कलाकार, बगल में बैठा म्यूजिकल ग्रुप...। अपनी संवाद अदायगी और चेहरे से अभिनय कर कलाकार जब रुकते तो वहीं म्यूजिकल ग्रुप सारगर्भित तरह से गीत के माध्यम से तब तक की कहानी कह देता। ऐसे यादगार प्ले को देखकर ऑडिटोरियम में बैठे दर्शकों के दोनों हाथ खुद-ब-खुद जुड़कर तालियों की गड़गड़ाहट में तब्दील हो जाते। दिल छूने वाली नज्म को सुनकर वाह-वाह कह उठते। 

Kaifi Azmi and Shaukat Azmi's love story
जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला

नाइन सेनेटरी नैपकिंस की ओर से आयोजित जावेद अख्तर द्वारा लिखा गया कुछ कैफी आजमी, कुछ शौकत कैफी की जुबानी ‘कैफी और मैं’ प्ले शहरियों को न भूलने वाली यादें दे गया। शौकत अली के किरदार में शबाना आजमी और कैफी आजमी के किरदार में जावेद अख्तर ने केवल इस प्ले की स्क्रिप्ट को दर्शकों के सामने यूं पढ़ा कि नाटक का मंचन न होते हुए भी सभी की आंखों के सामने तस्वीरें उभरती चली गई।

Kaifi Azmi and Shaukat Azmi's love story
अभिनेत्री शबाना आजमी - फोटो : अमर उजाला

शौकत आजमी के अल्फाजों को अपने अंदाज से बयां करने वाली शबाना आजमी ने प्ले की शुरुआत ‘हर रोज सुबह होती है, चिड़िया चहचहाती हैं, कभी बारिश की फुहार बरामदे में आ जाती है, रोज की तरह हमारा मुलाजिम मेज पर चाय की प्याली को लाकर रख देता, लेकिन कुर्सी खाली है। उस पर मेरे कैफी नहीं है...’ के साथ की।

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Kaifi Azmi and Shaukat Azmi's love story
जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला

कैफी आजमी के शब्दों को ढालने वाले जावेद अख्तर ने शुरुआत मैं कब पैदा हुआ, याद नहीं। उत्तर प्रदेश के जिला आजमगढ़ के छोटे से गांव में पैदा हुआ। दादा मरहूम ने कंपनी के खिलाफ नफरत का जो बीज नील के खेतों में बोया था, वो एक दिन मेरे सीने में फूटा...। इस शुरुआत के बाद गायक जसविंदर ने मेरी आवाज सुनो गीत गाकर...माहौल को खुशनुमा कर दिया। 

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Kaifi Azmi and Shaukat Azmi's love story
जसविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद बारी-बारी से कभी शौकत अपनी बातों को कहतीं तो कभी कैफी अपने जज्बात बयां करते। दोनों की पहली मुलाकात, घरवालों की पाबंदी के बाद चिट्ठियों का दौर, कैफी का खून से खत लिखना, शौकत के पिता का उनको कैफी से मिलवाने मुंबई ले जाना, उनका एक दिन बिना घरवालों को बताए निकाह पढ़वाना, कामरेड के मोेर्चे में शामिल होना जैसे कई किस्सों को कहानी बनाकर दर्शकों तक पहुंचाया। कैसे फिल्मों के लिए गीत लिखने की शुरूआत, पहला गीत वक्त ने किया क्या हंसी सितम...लिखने के बावजूद उनको फिल्मों के लिए अनलकी मानना, फिर उनका फिल्मों में आना, गांव के विकास करने की कहानी को बेहद सादगी से शहरियों तक पहुंचाया। प्ले खत्म होने पर शौकत बनी शबाना की आंखों में आंसू थे। मंच संचालिका के न कहने के बावजूद हॉल में बैठे सभी दर्शक तालियां बजाते हुए कुर्सियों से उठ खड़े हुए।   

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