इटावा के सैफई मेडिकल विश्वविद्यालय में 100 से अधिक मेडिकल छात्रों के सिर मुंडवा दिए गए। हॉस्टल से कक्षा और कैंटीन तक उन्हें सिर झुकाकर जाना पड़ता है। परिसर से निकलकर रैगिंग की चर्चा शासन तक पहुंची तो खलबली मच गई। मंगलवार शाम को सैफई पुलिस और यूनिवर्सिटी के कुलपति ने छात्रों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की।
सैफई मेडिकल विवि में 150 छात्रों के सिर मुंडवाने से मची खलबली, जब पहुंची पुलिस तो ये सच आया सामने
सपा संरक्षक मुलायम सिंह के गांव सैफई में बने मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस और एमएस, एमडी, पैरामेडिकल आदि की पढ़ाई होती है। इस मेडिकल कॉलेज में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। मेडिकल विश्वविद्यालय में करीब 150 छात्र-छात्राएं एमबीबीएस कर रहे हैं। इसमें 100 से अधिक छात्र हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों के सिर मुंडवा दिए गए हैं।
इन छात्रों को हास्टल से कक्षा तक एक लाइन में सिर झुकाकर जाना पड़ता है। इसके बाद कक्षा से कैंटीन तक जाते समय भी छात्र सिर झुकाए रहते हैं। मंगलवार को एमबीबीएस के छात्रों के साथ रैगिंग की चर्चा चिकित्सा विश्वविद्यालय से बाहर निकल आई। कुछ ही देर में मामला शासन तक पहुंच गया, तो चिकित्सा शिक्षामंत्री आशुतोष टंडन ने विश्वविद्यालय के कुलपति राजकुमार से जवाब तलब कर लिया। शाम करीब 7:30 बजे सैफई थानाध्यक्ष फोर्स के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे।
पुलिस और कुलपति ने एमबीबीएस के सभी छात्रों से रैगिंग के संबंध में पूछताछ की, लेकिन किसी भी छात्र ने पुलिस और कुलपति से शिकायत नहीं की। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय में रैगिंग की शिकायत छात्रों ने ही बाहर तक पहुंचाई। अब वे सीनियर छात्रों के डर और अपने करियर की चिंता के कारण मुंह नहीं खोल रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के सिर मुंडवाने से रैगिंग होने पर भी अंदेशा हो रहा है।
सैफई विश्वविद्यालय के कुलपति राजकुमार ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के विद्यालयों और महाविद्यालयों में सिर मुंडवाने का चलन है। छात्र अगर एक लाइन में चल रहे हैं तो ये अनुशासन है। ऐसा सभी जगह होता है। मैंने खुद सभी छात्रों से पूछा है, लेकिन किसी ने रैगिंग की शिकायत नहीं की। जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। ये टीम जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। थाना प्रभारी सैफई चंद्रदेव यादव ने कहा छात्रों से पूछताछ की गई है, किसी ने भी रैगिंग होने की शिकायत नहीं की। सभी ने स्वेच्छा से सिर मुंडवाए हैं। फिर भी अगर कोई छात्र शिकायत करता है तो मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी।