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यूपी: चेतावनी बिंदु पार करते ही और विकराल हुई गंगा, कई इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी, प्रशासन अलर्ट
Sat, 22 Aug 2020 11:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 22 Aug 2020 11:57 PM IST
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खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं गंगा
- फोटो : amar ujala
उन्नाव में जलस्तर के चेतावनी बिंदु पार करते ही गंगा ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बढ़ रहे जलस्तर के कारण कटरी के गांवों में स्थितियां बिगड़ने लगी हैं। कई गांवों के नजदीक पानी पहुंच चुका है। घरों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने गृहस्थी संभालनी शुरू कर दी है। बाढ़ का खतरा देख प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। शुक्लागंज में सैलाब कई मोहल्लों में पहुंच गया है।
कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखनी शुरू हो गईं। एसडीएम सदर नन्हकू ने टीम के साथ शुक्लागंज क्षेत्र का निरीक्षण किया। चंपा पुरवा कटरी, गगनी खेड़ा, कर्बला, हुसैन नगर, गोताखोर मोहल्ला में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ के पानी में चारों तरफ से घिरे 30 घरों को खाली करने के लिए लेखपाल मनोज यादव ने गृहस्वामियों को नोटिस दी है।
सभी को नगर पालिका के रैन बसेरा या पास के पंचायत भवन में रहने को कहा गया है। बारिश और जलभराव होने से करंट के खतरे को देखते हुए कर्बला व गोताखोर मोहल्ला के 12 विद्युत पोल की बिजली काट दी गई है। वहीं, परियर क्षेत्र के कई गांवों के निकट पहले से ही पानी पहुंच चुका है। अब चेतावनी बिंदु पार करते ही ग्रामीण किसी भी दिन घरों में पानी पहुंचने की आशंका जता रहे हैं।
सभी को नगर पालिका के रैन बसेरा या पास के पंचायत भवन में रहने को कहा गया है। बारिश और जलभराव होने से करंट के खतरे को देखते हुए कर्बला व गोताखोर मोहल्ला के 12 विद्युत पोल की बिजली काट दी गई है। वहीं, परियर क्षेत्र के कई गांवों के निकट पहले से ही पानी पहुंच चुका है। अब चेतावनी बिंदु पार करते ही ग्रामीण किसी भी दिन घरों में पानी पहुंचने की आशंका जता रहे हैं।
नाव से पलायन कर रहे हैं लोग
- फोटो : amar ujala
चंदीबंगला, मानाबंगला, बाबूबंगला, मरौंदा मझवारा, पनपथा, गंगादीनपुरवा, धनकूखेड़ा आदि गांवों में ग्रामीणों ने युवाओं की टोलियां बनाकर रतजगा करके जलस्तर पर नजर रखनी शुरू कर दी है। घरों में पानी घुसने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
रिश्तेदारी में भेज रहे परिवार
बाढ़ की आशंका को देखते हुए कई लोगों ने महिलाओं व बच्चों को अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। वहीं, अधिकांश लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर डेरा जमाने की कवायद में जुट गए हैं। फतेहपुर चौरासी, सफीपुर के कई गांवों में बिल्कुल नजदीक पानी पहुंच गया है। ऐसे में यहां पर हड़कंप की स्थिति बन गई है।
रिश्तेदारी में भेज रहे परिवार
बाढ़ की आशंका को देखते हुए कई लोगों ने महिलाओं व बच्चों को अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। वहीं, अधिकांश लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर डेरा जमाने की कवायद में जुट गए हैं। फतेहपुर चौरासी, सफीपुर के कई गांवों में बिल्कुल नजदीक पानी पहुंच गया है। ऐसे में यहां पर हड़कंप की स्थिति बन गई है।
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कई इलाकों में घरों में घुसा बाढ़ का पानी
- फोटो : amar ujala
बढ़े पानी में नावें भी उतार दी गई हैं जो ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने का काम कर रही है। जानकारों के मुताबिक जिस तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है उससे तो दो दिन में खतरे का निशान भी पार होने की आशंका है। खतरे का बिंदु पार होते ही कटरी क्षेत्र के गांव के गांव बाढ़ में जलमग्न हो जाएंगे। ग्रामीणों ने बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है।
गांव वाले घर में रखा गेहूं, चावल व अन्य सामान बेच रहे हैं। मवेशी रिश्तेदारों के यहां पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आ गई तो सब तबाह हो जाएगा। यदि गेहूं, चावल आदि बचाकर रखा तो बाढ़ में सब बह जाएगा। ऐसे में इस समय इसे बेचना ही ठीक है। वहीं, बढ़े जलस्तर से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
गांव वाले घर में रखा गेहूं, चावल व अन्य सामान बेच रहे हैं। मवेशी रिश्तेदारों के यहां पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आ गई तो सब तबाह हो जाएगा। यदि गेहूं, चावल आदि बचाकर रखा तो बाढ़ में सब बह जाएगा। ऐसे में इस समय इसे बेचना ही ठीक है। वहीं, बढ़े जलस्तर से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।