बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे आज से आमजन के आवागमन के लिए खुल जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मल्लावां के पास श्यामपुर में लोकार्पण करेंगे। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए हरिशंकरी भी रोपित करेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे 1,594 दिन में बनकर तैयार हुआ है। इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर जनपद में किया था। एक्सप्रेसवे बन जाने से जिले में औद्योगिक विकास के साथ ही किसानों की भी उपज की पहुंच दिल्ली एनसीआर तक आसानी से हो जाएगी।
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर घटपुरी के पास बना इंटरचेंज।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गंगा एक्सप्रेसवे हरदोई सहित 12 जनपदों के 519 गांवों से होकर गुजरा है। इसकी लंबाई 594 किलोमीटर है। इस बनवाए जाने पर करीब 36,230 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह उप्र को पश्चिम से पूरब को जोड़ेगा।
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गंगा एक्सप्रेस-वे
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प्रयागराज से मेरठ की दूरी तय करने में एक्सप्रेसवे के मानक के मुताबिक, 120 किलोमीटर की स्पीड से छह घंटे समय लगेगा। एक्सप्रेसवे पर हादसा रोकने के लिए अलर्ट स्ट्रिप्स जैसी आधुनिक सुविधा भी दी गई है। सीसी कैमरों की निगरानी से ओवर स्पीड वाहनों पर अंकुश लगेगा।
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गंगा एक्सप्रेस-वे
- फोटो : संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से जिला एक और एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। अभी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से जिले को कनेक्टिविटी मिली थी। गंगा एक्सप्रेसवे बन जाने से जिले में औद्योगिक विकास के साथ ही किसानों की उपज को भी समय से महानगरों और दिल्ली एनसीआर तक पहुंचाने में कम समय लगेगा। इससे किसानों के लिए भी तरक्की के द्वार खुलेंगे।
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गंगा एक्सप्रेस-वे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
144 सीसी कैमरा करेंगे चप्पे-चप्पे की निगरानी
प्रधानमंत्री के सभास्थल से लेकर बाहर परिसर तक की गतिविधियों की निगरानी के लिए 144 सीसी कैमरा लगवाए गए हैं। लोकार्पण समारोह में आने-जाने वाले लोगों, सुरक्षा बंदोबस्त और सभास्थल में बैठे लोगों पर इन कैमरों की नजर रहेगी। वैसे तो सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसपीजी, पीएसी और पुलिस फोर्स लगाया गया है। वहीं सीसी कैमरों से भी कंट्रोल रूम में नजर रखी जाएगी।