कानपुर में गोलाघाट नई बस्ती के मोनू (35) की निर्मम तरीके से हुई हत्या में जांच से ज्यादा थानेदारों की आपसी खींचतान भारी रही। गंगा घाट पुलिस ने जहां मामले की जिम्मेदारी कैंट पुलिस के ऊपर डालकर पल्ला झाड़ा। वहीं कैंट पुलिस का कहना था घटनास्थल गंगा घाट क्षेत्र का है और वही जांच करेगी। एफआईआर के लिए परेशान परिजन ने मंगलवार दोपहर गोलाघाट तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे शुक्लागंज पुल पर लगभग डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
दोनों तरफ पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। डीसीपी पूर्वी के आश्वासन पर परिजन माने। करीब 31 घंटे बाद कैंट थाने में एफआईआर दर्ज हुई। कैंट थाना क्षेत्र के नई बस्ती गोला घाट निवासी मोनू का शव सोमवार सुबह गंगाघाट क्षेत्र के नरबीजपुर गांव में मिला था। उसके सिर और अन्य हिस्सों में चोटों के निशान थे, जबकि चेहरे को केमिकल से जलाया गया था। मोनू रविवार शाम लगभग सात बजे बिना बताए घर से निकला था।
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रोती बिलखती मां आशा व चचेरी बहन निशी
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गंगाघाट थाने जाने के लिए निर्देशित किया
उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सोमवार को कैंट क्षेत्र में लिखवाई गई थी। परिजन मोनू की तलाश करते हुए शुक्लागंज पहुंचे और गंगाघाट पुलिस से मिले। उन्होंने शव की शिनाख्त की। पुलिस न शव को उन्नाव के पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम हुआ। परिजन तहरीर लेकर इंतजार करते रहे। उन्हें कैंट थाने जाने के लिए कहा गया। कैंट पहुंचने पर गंगाघाट थाने जाने के लिए निर्देशित किया।
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परिजनों को समझते कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन गुप्ता जिसके बाद उठाया गया शव
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दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई
इधर से उधर चक्कर लगाकर परेशान हुए परिजन दोपहर करीब दो बजे शव लेकर गोलाघाट तिराहे पहुंचे। यहां पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जाम लगा दिया। क्षेत्र के लोगों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता को बुलाया। वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और एफआईआर कराने की मांग की। जाम की वजह से शुक्लागंज पुल पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। देखते ही देखते जाम पांच किलोमीटर तक पहुंच गया।
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परिजनों को समझते कांग्रेस जिला अध्यक्ष पवन गुप्ता
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हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने घरवालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभी एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ गए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन व रिश्तेदार मानें। कैंट थाने में मोनू के पिता ओम कैलाश की तहरीर पर पापन पाैल और अज्ञात साथी पर हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर हुई। घरवालों को एफआईआर की कॉपी दी गई। शाम करीब पांच बजे डबकेश्वर घाट पर मोनू का अंतिम संस्कार हुआ।
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मृतक मोनू का शव रख लगाया गया जाम
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पुलिस और ट्रैफिक स्टाफ ने मशक्कत कर जाम खुलवाया
करीब डेढ़ घंटे के जाम की वजह से शुक्लागंज से कानपुर और कानपुर से शुक्लागंज के लिए जाने वाले लोगों की लाइन लग गई। कुछ लोगों ने किनारे से निकलने का प्रयास किया, लेकिन जाम लगाए लोगों की उनसे नोकझोंक हुई। जाम खुलने के एक से डेढ़ घंटे तक वाहन रुक-रुककर चलते रहे। उन्हें गंतव्य के लिए जाने में काफी समय लगा। पुलिस और ट्रैफिक स्टाफ ने मशक्कत कर जाम खुलवाया।