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जिस दोस्त को दिलाने गया था जिंदगी, उसी ने दे दी मौत
Tue, 22 Jan 2019 06:02 AM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 22 Jan 2019 06:02 AM IST
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यूपी के हरदोई जिला चिकित्सालय की मॉर्चरी के बाहर मौजूद मिले मृतक पारसनाथ के परिजनों ने बताया कि शैलेंद्र और पारस के बीच गहरी दोस्ती थी। पिछले कुछ दिनों से शैलेंद्र की तबीयत ठीक नहीं थी और इसके कारण वह परेशान रहता था। पारस ने शैलेंद्र को भरोसा दिलाया था कि वह सही हो जाएगा और इसी वजह से दवा दिलाने के लिए लखनऊ ले गया था। कौन जानता था कि बात अचानक बिगड़ जाएगी और जिस दोस्त की जिंदगी बचाने के लिए वह लखनऊ जा रहा है, वही दोस्त उसकी जान ले लेगा।
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शाहजहांपुर मार्ग पर रविवार रात कृभको फर्टिलाइजर्स के अपर प्रबंधक पारसनाथ का शव मिलने से सनसनी फैल गई। एसपी के निर्देश पर रात में ही वाहनों की जांच का अभियान चलाया गया। हालांकि पुलिस को अहम जानकारी और सफलता तब मिली जब ट्रक चालक ने पुलिस को फोन कर शैलेंद्र के बारे में जानकारी दी।
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इसके बाद पुलिस ने शैलेंद्र की कार को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पुलिस की पूरी जांच हत्या के कारणों में एक विशेष कारण पर अटकी हुई है। पुलिस का मानना है कि हत्या की वजह कोई महिला ही है।
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दरअसल पारस और शैलेंद्र के बीच इतनी गहरी दोस्ती थी कि दोनों ने फैक्ट्री परिसर में बने आवास भी आसपास ही ले रखे थे। दोनों का एक दूसरे के गांव तक आना जाना था।
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फिलहाल पुलिस का मानना है कि जल्द ही घटना का कारण साफ हो जाएगा। पारसनाथ की पत्नी स्नेहा यादव उसके साथ ही शाहजहांपुर में रहती थी। परिवार में छह वर्षीय पुत्री दिव्यांशी और दो वर्षीय पुत्र पार्थ है। पिता संकू यादव बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और गांव में रहते हैं।