{"_id":"5ef639e32e3ab46da0677160","slug":"financial-crisis-due-lockdown-uncle-and-nephew-gave-his-life-to-jumped-in-front-of-train","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में काम छिनने पर मुंबई से लौटे थे चाचा भतीजे, सहन नहीं हुई आर्थिक तंगी तो ट्रेन से कटकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में काम छिनने पर मुंबई से लौटे थे चाचा भतीजे, सहन नहीं हुई आर्थिक तंगी तो ट्रेन से कटकर दी जान
Sat, 27 Jun 2020 12:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Jun 2020 12:24 AM IST
विज्ञापन
ट्रेन के आगे कूदकर चाचा भतीजे ने दी जान
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश में फतेहपुर के अल्लीपुर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे रिश्ते के चाचा-भतीजे ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। दोनों लॉकडाउन के दौरान 15 मई को मुंबई से लौटे थे। परिजनों ने बताया कि दोनों सुबह किसी से पैसे लेने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद घटना की जानकारी मिली।
खून से सनी लाशे देख मच गया कोहराम
- फोटो : amar ujala
मलवां थानाक्षेत्र के बरमतपुर गांव निवासी महेंद्र पासवान का बेटा धीरेंद्र पासवान (18) और रामखेलावन का बेटा रामू पासवान (19) मुंबई में शटरिंग का काम करते थे। लॉकडाउन में काम छिना तो 15 मई को गांव लौट आए। रामू धीरेंद्र का रिश्ते में चाचा लगता था। दोनों बचपन से गहरे दोस्त थे।
लॉकडाउन में लौटे थे घर
- फोटो : amar ujala
महेंद्र पासवान ने बताया कि सुबह किसी से रुपये लेने की बात कहकर दोनों घर से निकले थे। मलवां के चक्की नाका ओवरब्रिज के नीचे दोपहर करीब डेढ़ बजे डाउन लाइन पर मालगाड़ी से कट गए। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। चरवाहों ने दोनों की पहचान की।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
पुलिस की सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। धीरेंद्र के पिता महेंद्र ने बताया कि मुंबई से लौटने के बाद दोनों काम की तलाश में थे। वहीं मलवां थाना प्रभारी शेर सिंह राजपूत ने बताया कि घटनास्थल से दोनों के घर की दूरी करीब आठ किलोमीटर है। इतनी दूर यह दोनों बगैर किसी काम से आए थे।
विज्ञापन
घर से कम पर जाने की बात कह कर निकले थे
- फोटो : amar ujala
स्टेशन मास्टर ने मेमो में लिखकर दिया है कि मालगाड़ी आने पर दोनों इंजन के सामने आ गए। इससे आत्महत्या की बात स्पष्ट होती है। दोनों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों काम न मिलने से परेशान थे।