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अब दहशत हुई खत्म: अचानक हुआ था हमला...तीन भाइयों समेत पांच की हत्या, मृतकों के परिवार ने छोड़ दिया था गांव

Fri, 09 Jun 2023 05:15 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 09 Jun 2023 05:15 PM IST
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Fatehpur mass murder, life imprisonment to 10 murderers after 31 years, five accused died before punishment
फतेहुपर सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड की जघन्य वारदात के बाद दुबे परिवार की गांव और आसपास क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गई थी। उनकी दहशत के कारण मृतकों के परिवार ने गांव छोड़ दिया था। उनके गांव स्थित घर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। हालांकि खानदान के अन्य लोग जरूर गांव में रहते हैं।



गांव पाई के शुक्ला परिवार में दिवंगत कमलाकांत का एक पुत्र शिवम शुक्ला है। पिता की मौत के बाद शिवम परिवार के साथ शहर में आकर बस गया था। शिवम ने बताया कि पिता की हत्या के समय उसका बचपन था। पिता के हत्यारों की दहशत में गांव छोड़ दिया था।

पिता के हत्यारों का सजा मिलने से परिवार को न्याय मिला है। उन लोगों ने गांव तक आना-जाना बंद कर रखा है। गांव जाने से डरते रहे हैं। सजा के बाद से आरोपी परिवार की दहशत भी खत्म हो गई है। बुजुर्ग बताते हैं कि हत्यारोपी दुबे परिवार करीब दो साल बाद ही जमानत पर बाहर आ गया था।

Fatehpur mass murder, life imprisonment to 10 murderers after 31 years, five accused died before punishment
फतेहुपर सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

हत्याकांड से पूरे इलाके फैल गई थी दहशत
उनकी पूरे क्षेत्र में दहशत थी। मृतक गिरिजाशंकर शुक्ला का परिवार गांव छोड़कर खागा कस्बे में आकर रहने लगा था। उनका एक पुत्र कमल शुक्ला है। मृतक रमाकांत की हत्या से कुछ साल पहले ही शादी हुई थी। रमाकांत की हत्या के बाद उसकी पत्नी मायके चली गई थी।

Fatehpur mass murder, life imprisonment to 10 murderers after 31 years, five accused died before punishment
फतेहुपर सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

कुछ लोग गांव में ही रहे, कुछ छोड़कर चले गए
मृतक नरेंद्र का पुत्र रोहित परिवार के साथ गांव में रहता है। घायल शिवब्रत का परिवार धाता कस्बे में रहने लगा। उसके दूसरे भाइयों का परिवार गांव में ही रहता है। घायल कृष्णऔतार के पांच बेटे हैं। एक बेटा होमगार्ड है। वह लोग गांव में ही रहते हैं। मृतक ओमप्रकाश का एक बेटा है। वह भी बाहर रहता है।

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Fatehpur mass murder, life imprisonment to 10 murderers after 31 years, five accused died before punishment
फतेहुपर सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

हत्याकांड के वादी श्याम बिहारी की हो चुकी मौत
पाई गांव के शुक्ला परिवार के लिए 23 जुलाई 1992 दिन सबसे बुरा साबित हुआ था। पूरा घटनाक्रम परिवार के मुखिया श्याम बिहारी शुक्ला के सामने हुआ था। वह भी बेटों और परिवार को बचाने पहुंचे थे। हमलावरों की गोलीबारी में घायल हो गए थे। उन्हें व सहयोगियों को जान बचाकर भागना पड़ा था।

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Fatehpur mass murder, life imprisonment to 10 murderers after 31 years, five accused died before punishment
फतेहुपर सामूहिक हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

अपने सामने सजा दिलाना चाहते थे
उन्होंने ही आंखों देखे हाल पर हत्यारों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। मृतक श्याम बिहारी के पुत्र चंद्र प्रकाश शुक्ला ने बताया कि पिता हत्यारों को अपने सामने सजा दिलाना चाहते थे। वह मुकदमे की पैरवी भी करते रहे। करीब 10 साल पहले श्याम बिहारी का निधन हो गया। मुकदमे में पैरवी भी सुस्त हो गई।

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