फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद कोतवाली के करथिया गांव में बंधक बनाए गए बच्चों को मुक्त कराने के लिए गांव के लोगों ने ईंटों व हथौड़े से गेट तोड़ दिया। पुलिस के घर के अंदर घुसते ही सुभाष ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमेें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष की मौत हो गई। इस दौरान सुभाष की पत्नी घायल हो गई। पुलिस ने पत्नी व बच्चे को कब्जे में लिया।
फर्रुखाबाद: बहुत क्रूर था अपहरणकर्ता सुभाष, 19 साल पहले काट दिया था पड़ोसी का गला
पत्नी को सीएचसी भेजा और पुत्री को एक ग्रामीण के हवाले कर दिया। बंधनमुक्त कराए गए बच्चों का स्वास्थ्य टीम देर रात तक चिकित्सीय परीक्षण करती रही। गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गुरुवार दोपहर गांव के 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया था। चार बजे से पुलिस बच्चों को मुक्त कराने के लिए उसके घर की घेराबंदी किए थे।
थाने से भाग गया था सुभाष
करीब आठ महीने पहले मौधा गांव के अमर सिंह राठौर के खेत में रबड़ का पाइप चोरी हो गया था। पुलिस ने जांच की तो सुभाष का नाम सामने आया। पुलिस सुभाष को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। अंधेरा होने पर वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न सुभाष को पकड़ने का प्रयास किया। इसके बाद करीब चार महीने पहले स्वॉट टीम ने सुभाष को पकड़ा था। दो-तीन दिन तक पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। तब से सुभाष स्वॉट टीम के दो सिपाही सचेंद्र सिंह व अनुज तिवारी से नाराज था।
पिता और भाई की हो चुकी मौत
सुभाष दो भाई और एक बहन है। बहन की शादी फर्रुखाबाद शहर के एक मोहल्ले में रहने वाले युवक के साथ तय है। पिता जगदीश बाथम की 2006 में मौत हो गई थी। छोटे भाई सोविंद उर्फ कल्लू की मौत बीमारी से करीब चार साल पहले मौत हो गई थी।
पड़ोसी की गला काटकर की थी हत्या
सुभाष का वर्ष 2001 में गांव के ही मेघनाथ से नाली से पानी निकासी को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश में सुभाष ने मेघनाथ की चाकू से उसी के घर के बाहर गला काटकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब डेढ़ साल पूर्व सुभाष जमानत पर छूट कर आया था।