फर्रुखाबाद जिले में युवक का शव मिलने के बाद गांव से शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण गुस्से में थे। उनके गुस्से को पुलिस भांप नहीं सकी और शव को जबरदस्ती उठा लिया। इससे भड़के ग्रामीण पुलिस पर हमलावर हो गए। उन्होंने पुलिस से डंडे छीन लिए और पास में पड़े पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस को ग्रामीणों के गुस्से का अंदाजा नहीं था। इसके चलते ही राजेपुर, अमृतपुर व कादरीगेटे थाने का फोर्स ही मौके पर था।
यदि पुलिस को अंदाजा होता तो वह अन्य थानों व पुलिस लाइन से फोर्स पहले ही मंगा लेती। इससे दबाव बनाकर शव को आसानी से हटाया जा सकता था। पुलिस ने शव के पास बैठी कुछ महिलाओं को हटाकर शव उठाने का प्रयास किया। यह देख आसपास खड़े ग्रामीण भड़क गए। वह पुलिस पर हमलावर हो गए। इसके साथ ही महिलाएं भी पुलिस कर्मियों से डंडे छीनकर भिड़ गईं और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद एसडीएम रविंद्र कुमार सिंह व एएसपी गिरीश कुमार सिंह कई थानों व पुलिस लाइन के फोर्स के साथ पहुंचे।
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Farrukhabad Chachupur Violence
- फोटो : amar ujala
चाचूपुर में पसरा सन्नाटा, गलियों में पुलिस के बूंटों की आवाज
अमृतपुर में पथराव होने के कुछ ही देर बाद चाचूपुर छावनी में तब्दील हो गया। हर गली में पुलिस के बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई बच्चा भी गली में घूमता नहीं दिखा। सभी घरों में दुबक गए थे या खेतों की ओर भाग गए थे। पथराव के कुछ देर बाद ही पांच थानों व पुलिस लाइन से फोर्स चाचूपुर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आई।
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उपद्रव करने वालाें को चिह्नित कर घर से पकड़ा
लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। लोग घरों में घुस गए। सड़क पर सन्नाटा होने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालाें को चिह्नित कर उन्हें घर से पकड़ लिया। इसके अलावा उधर से गुजरने वाले लोगों को रोकर उनकी तस्दीक करने के बाद ही आगे जाने दिया गया। बाइक से निकलने वाले गांवों के लोगों को रोकर पूछताछ की और हाथों मिट्टी लगे होने या कपड़ों में मिट्टी लगी होने पर उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया।
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शराब पीने का आदी था ब्रजेश
चाचूपुर गांव में देसी शराब का ठेका करीब बीस वर्ष से है। जबकि पिछले दो वर्ष से अंग्रेजी शराब का भी ठेका खुल गया है। गांव की महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका होने से उनके घरों के पुरुष शराब पीने के आदी हो गए हैं। इसके चलते गांव में आए दिन विवाद होता है। मजदूरी करने के बाद शराब पीने से आर्थिक स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है। ब्रजेश भी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था।
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शराब ठेके के सेल्समैन से हुआ था विवाद
ग्रामीणों का आरोप है उसका शुक्रवार को शराब ठेके के सेल्समैन से विवाद हुआ था। इसके बाद वह जाकर पुलिया पर बैठ गया था। देर शाम गांव के लोगों ने उसे देखा था। पर बाद में नजर नहीं आया था। इसके चलते ही उसके परिजन हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। तभी उन्होंने शव उठाकर शराब ठेके के बाहर ले जाकर रख दिया था। इस शराब के ठेके को बंद कराने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व भी महिलाओं ने जाम लगाया था। तब उन्हें ठेका हटाए जाने का भरोसा देकर शांत कर दिया गया था।