{"_id":"5ca74f3bbdec2213e929264d","slug":"eight-years-old-child-murder-for-treasure","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"खजाने के लिए मासूम की बलि, गले में चुभोईं कीलें, चिपकाई गर्म कलछी, गला घोंट 30 घंटे बोरी में रखा बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खजाने के लिए मासूम की बलि, गले में चुभोईं कीलें, चिपकाई गर्म कलछी, गला घोंट 30 घंटे बोरी में रखा बंद
Fri, 05 Apr 2019 06:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Apr 2019 06:40 PM IST
विज्ञापन
मासूम का शव मिलने का बाद बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव में खजाने के लालच में आठ साल के आदर्श को अगवा करने की योजना विश्राम व उसकी पत्नी रानी ने बनाई थी। आदर्श को आसानी से अगवा किया जा सके इसके लिए उन्होंने अपने छोटे बेटे की मदद ली। आरोपी विश्राम का बेटा सुभाष (9) ही आदर्श को अपने घर तक लेकर आया था। यहां रानी ने कपड़े से आदर्श का मुंह बांधने के बाद उसे बोरी में भर दिया था।
मासूम की बलि की खबर आग की तरह फैली
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उसे गांव से बाहर बने घर में छिपा दिया गया था। 30 घंटे तक आदर्श उसी बोरी में बंद रहा। गुरुवार रात बलि चढ़ाने के लिए उसे बोरी से बाहर निकाला गया। इस दौरान वह शोर न मचा सके इसके लिए उसका गला दबाने का भी प्रयास किया गया। जिससे वह बेदम हो गया। पुलिस की पूछताछ में विश्राम व रानी ने बताया कि घटना वाले दिन आदर्श उसके छोटे बेटे सुभाष के साथ खेल रहा था। सुभाष जब आदर्श को घर लेकर आया तो रानी उसे घर के अंदर लेकर चली गई।
मासूम की मां शव देख गश खाकर गिर पड़ी
- फोटो : अमर उजाला
जहां उसका पहले मुंह बांधा गया। इसके बाद उसे एक प्लास्टिक की बोरी में बंद कर दिया गया। बोरी को घर के अंदर बनी कच्ची कोठरी में रख दिया गया था। आदर्श इसी बोरी में 30 घंटे तक भूखा प्यासा बंद रहा। गुरुवार रात 12 बजे के बाद उसे बोरी से बाहर निकाला गया था। इसके बाद रानी ने तंत्र मंत्र की पूजा की। रानी के कहने पर उसके बच्चों ने लोहे की कलछी को गरम किया था। इस बीच आदर्श शोर न मचा सके इसके लिए विश्राम ने उसका गला भी दबाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मासूम का शव मिलने से मच गया हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी पति पत्नी ने बताया कि आदर्श के शरीर में दो बार गरम लोहे की कलछी दागी गई थी। इसके अलावा सिर व कान के पास दो कील भी ठोकी गई थी। पुलिस ने रानी की निशानदेही पर कलछी, तीन लोहे की कील व एक लोहे का छल्ला बरामद किया है। गांव में जांच के दौरान एसपी एमपी वर्मा, एएसपी विनोद कुमार पांडेय, सीओ सफीपुर गौरव त्रिपाठी, माखी थानाध्यक्ष श्यामकुमार पाल मौजूद रहे।कन्हैयालाल ने बताया कि बुधवार शाम उसकी पत्नी निषा गांव की बाजार गई थी।
विज्ञापन
घटनास्थल पर महिलाओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बाजार जाते समय बेटे आदर्श ने चुर्री खरीदकर लाने की जिद की थी। निषा बाजार से लौटी तो उसने जिगर के टुकड़े आदर्श को चुर्री थमा दी। चुर्री लेकर आदर्श घर से बाहर निकला और लापता हो गया। बेटे आदर्श को ढूंढने में माता पिता ने आसमान सिर पर उठा लिया था लेकिन उन्हें बेटा जीवित नहीं मिल सका। तालाब से बच्चे का शव मिलने के बाद फील्ड यूनिट व डाग स्कवॉड घटनास्थल पर पहुंच गया था। घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर आरोपी विश्राम के घर तक जाने के बाद स्निफर डाग भटक गया था।