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चाट, समोसा बेचने वाले छोटे रईसों पर आयकर विभाग की नजर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 09 Jun 2018 09:21 AM IST
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डेमाे पिक
कानपुर। चाट, समोसे बेचकर प्रतिदिन लाखों की कमाई करने वाले भी आयकर के रडार पर हैं। आयकर विभाग की खुफिया विंग ऐसे लोगों पर नजर रख रही है। बाकायदा इनकी सूची तैयार की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित लोग रिटर्न आदि जमा कर भी रहे हैं या नहीं। इसके बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।
डेमाे पिक
विभाग के सूत्रों ने बताया कि शहर में ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है जो असंगठित क्षेत्र के व्यापार में लगे हुए हैं। यह बड़े व्यापारी या कारोबारी नही हैं। लेकिन इनकी कमाई प्रतिदिन हजारों-लाखों में है। इनमें समोसा, चाट, चाय, डोसा बेचने वाले भी शामिल हैं। यह लोग बिना कर चुक ाए ही काम कर रहे हैं। शहर में ऐसे लोगों की संख्या सैकड़ों में है। सूत्रों ने बताया कि नोटबंदी के दौरान ऐसे कई चौंकाने वाले मामले सामने आए थे।
डेमाे पिक
इनमें समोसा और डोसा बेचने वालों के खातों में लाखों रुपयों की रकम जमा कराई गई थी। इसके बाद इन खातों की नियमित निगरानी कराई गई तो कई तथ्य सामने आए। एक खाते में पांच लाख से अधिक की रकम थी। जो असंगठित क्षेत्र से जुड़ा व्यापारी था। अब विभाग का जोर अधिक से अधिक करदाता जोड़ने का है। करदाताओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में विभाग ने असंगठित क्षेत्र से जुड़े छोटे कारोबारियों-व्यापारियों को चिह्नित करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
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डेमाे पिक
घनी आबादी के रईसों पर नजर
सूत्रों के अनुसार शहर के घने इलाकों में ऐेसे कई छोटे रईस हैं जो प्रतिदिन छोले, जलेबी, समोसा, चाट और पकौड़े बेंचकर 40 से 50 हजार रुपये प्रतिदिन तक का गल्ला बेंच रहे हैं। जिन्होंने कई मकान, प्लॉट और नए इलाकों में दुकानें ले रखी हैं। गुमटी, आर्यनगर, चावल मंडी, चौक, कौशलपुरी, बिरहाना रोड, विजय नगर, काकादेव आदि इलाकों में विभाग प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराएगा। उसे इनपुट मिला है कि यहां ऐसी कई दुकानदार हैं जिनके खातों में नोट बंदी के बाद से नियमित लाखों का लेन देन चल रहा है। साथ ही उनकी दुकानों पर आयकर विभाग के खबरी भी नजर रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार शहर के घने इलाकों में ऐेसे कई छोटे रईस हैं जो प्रतिदिन छोले, जलेबी, समोसा, चाट और पकौड़े बेंचकर 40 से 50 हजार रुपये प्रतिदिन तक का गल्ला बेंच रहे हैं। जिन्होंने कई मकान, प्लॉट और नए इलाकों में दुकानें ले रखी हैं। गुमटी, आर्यनगर, चावल मंडी, चौक, कौशलपुरी, बिरहाना रोड, विजय नगर, काकादेव आदि इलाकों में विभाग प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराएगा। उसे इनपुट मिला है कि यहां ऐसी कई दुकानदार हैं जिनके खातों में नोट बंदी के बाद से नियमित लाखों का लेन देन चल रहा है। साथ ही उनकी दुकानों पर आयकर विभाग के खबरी भी नजर रखेंगे।