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ट्रेनों में एसी फेल होने का टूटा रिकार्ड, लेटलतीफी और मेंटीनेंस में लापरवाही प्रमुख वजह

Sat, 09 Jun 2018 09:20 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 09 Jun 2018 09:20 AM IST
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record of AC failure in trains in last three years
डेमाे पिक
कानपुरः बीते तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष सर्वाधिक 63 ट्रेनों के एसी फेल होने की घटनाएं हुईं हैं। इसकी वजह बनी है मेंटीनेंस में लापरवाही और ट्रेनों की लेटलतीफी। इसके अलावा ज्यादातर ट्रेनों को घंटों आउटर में खड़ा रखने से एसी कोच की बैट्रियां चार्ज नहीं हो सकी। ऐसे में इन ट्रेनों के एसी फेल हो गए। 


 
record of AC failure in trains in last three years
डेमाे पिक
दुर्घटना के डर से व्यवस्था चरमराई
ट्रेन दुर्घटनाओं के बाद रेलवे की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ‘दुर्घटना से देर भली’ की तर्ज पर काम करने के कारण ट्रेनें इतनी लेट हो गईं कि मुसाफिरों की परेशानी कई गुना बढ़ गई। कभी मेंटीनेंस के नाम पर ब्लॉक लेने के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी को वजह बताया गया तो कभी ट्रैक पर ट्रैफिक लोड अधिक बताया गया।
record of AC failure in trains in last three years
डेमाे पिक
ट्रेनों की गति कम होने से शेड्यूल गड़बड़ाया तो आउटर पर ही ठहराव बढने लगे। ऐसे में एसी कोच की बैट्रियां डिस्चार्ज होने लगीं। बैट्रियों की मरम्मत की व्यवस्था न होना भी इसकी एक वजह है। इसे लेकर यात्रियों में गहरी नाराजगी है। 

 
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record of AC failure in trains in last three years
डेमाे पिक
पांच मई से पांच जून के बीच कानपुर सेंट्रल से चलने और गुजरने वाली 63 ट्रेनों के कोच के एसी फेल होने की घटनाएं सामने आईं। इसमें कानपुर से चलने वाली रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस, रांची राजधानी और सियालदह राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। वहीं वर्ष 2017 में इस दौरान 31 ट्रेनों, 2016 में 19 और 2015 में 17 ट्रेनों में एसी फेल होने की घटनाएं हुईं थीं।  
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