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जानिए शाम हाेते ही यहां क्याें फैल जाता है सन्नाटा, घराें के अंदर दुबकने लगते हैं लाेग

Fri, 30 Mar 2018 07:42 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 30 Mar 2018 07:42 AM IST
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Due to lack of water animal did the attitude of the villages
डेमो पिक
यूपी के पुखरायां में इन दिनाे खाैंफ का छाया हुअा है। दिनदहाड़े लाेग अपने बच्चाें काे घराें में छुपाकर रखते हैं। रात हाेते ही यहां सन्नाटा फैल जाता है। इसकी वजह है पानी की कमी के चलते जंगली जानवरों के झुंड अब प्यास बुझाने के लिए गांवों की ओर रुख कर दिया है।






 
Due to lack of water animal did the attitude of the villages
डेमो पिक
सूरज की तपन अभी से अपने पूरे शबाब पर है। सुबह 10 बजते ही तपन का दौर शुरू हो जाता है। इसका प्रभाव शाम 4 बजे तक रहता है। किसान महेंद्र सिंह, सोबरनलाल, देवेंद्र, जयबिहारी, भूपेंद्र पाल, सियादुलारी, भागवती सिंह, दयाशंकर आदि ने बताया कि नदी, बंबों में पानी नहीं है। प्यासे जंगली जानवर शाम होते ही भटकने लगे हैं। सियारों का झुंड तो गांवों में खुलेआम घुस जाता है।

 
Due to lack of water animal did the attitude of the villages
डेमो पिक
जहां कहीं गांव की नालियों में थोड़ा बहुत पानी मिलता है, उसको पीने लगते हैं। शाम हाेते ही यहां अासपास के गांवाें में सन्नाटा फैल जाता है। लाेग बच्चाें के साथ अपने घराें के अंदर छुपने के लिए मजबूर हैं। यहां लाेगाें के बीच डर फैल गया है कि किसी भी समय वह बच्चों पर हमला कर सकते हैं।

 
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Due to lack of water animal did the attitude of the villages
डेमो पिक
खेतों में भोरपहर और रात में कई लोगों को एक साथ लाठी आदि लेकर जाना पड़ता है। खेतों में जानवर भटकते हुए दिख जाते हैं। बताया कि हाइवे पार करने में वाहनों से टकराकर और रेलवे लाइन पर जंगली जानवर मरे पड़े मिलते हैं। 

 
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Due to lack of water animal did the attitude of the villages
डेमो पिक
भोगनीपुर के एसडीएम राजीव पांडेय ने बताया कि आदमी, जानवर, पशु पक्षी को पानी पिलाना एक नेक काम है। अप्रैल, मई, जून में और हालात खराब हो सकते हैं। जिनके पास नलकूप, सबमर्सिबल हैंडपंप है वह भी सहयोग कर सकते हैं। नलकूप के पास की नाली और कुंड़ी भरी रखे, खेतों में कहीं गड्डे हों उनको पानी से भरा रखें। गांव के बाहर सूखी पड़ी नालियों और गड्डाें में पानी भरवा दें। 
 
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