छप्पर के नीचे मिली वृद्घा की खून से सनी लाश, फटी थी ब्लाउज की जेब
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हरदोई के सभंरपुरवा गांव निवासी सुशीला (60) पत्नी बेनीराम बुधवार रात खाना खाने के बाद घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सोने गईं थी। वृद्ध के पुत्र परशुराम ने बताया कि उसकी मां रोजाना घर के बार बने छप्पर के नीचे ही सोती थी। बुधवार रात को भी वहीं पर सो रही थी।
सुबह जब उसकी पुत्री सारिका चाय देने गई तो सुशीला घायल अवस्था में पड़ी थीं। उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। वे लोग आनन फानन में उसे लेकर जिला अस्पताल आए जहां डाॅक्टराें ने जांच के बाद उन्हें मृत घाेषित कर दिया।
परशुराम ने बताया कि उसकी मां ने बुधवार को तीस हजार की भैंस बेची थी। उनके पास पहले से ही दस हजार रुपये थे। सुबह उनकी ब्लाउज मेें बनी जेब कटी हुई थी। उससे रुपये गायब थे। उनके गले से सोने के ताबीज और कान के कुंडल भी गायब थे।