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‘अदृश्य’ हुआ खुद को ‘भगवान का अवतार’ कहने वाला तांत्रिक बाबा, शिष्य की चढ़ाई थी बलि
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 07:45 AM IST
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आरोपी सुंदरलाल कुशवाहा
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दैवीय शक्तियां हासिल करने के लिए जन्माष्टमी की रात शिष्य की बलि चढ़ाकर खुद को ‘भगवान का अवतार’ कहने वाला तांत्रिक बाबा अब ‘अदृश्य’ हो चुका है। उसका कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा है। 15 अगस्त को सुंदरलाल कुशवाहा उर्फ सद्गुरू देव ने अपने शिष्य का सिर धड़ से अलग कर दिया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है लेकिन हर जगह नाकामी ही हाथ लग रही है। यूपी के हमीरपुर जिले का ये मामला पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा था।
रोते-बिलखते मृतक के परिजन
हत्या कर फरार गुरू और उसके साथियों के पकड़े न जाने से मृतक का परिवार भयभीत है। हमीरपुर भरुआसुमेरपुर बांक गांव निवासी सुंदरलाल कुशवाहा उर्फ सद्गुरू देव 15 अगस्त की रात अपने शिष्य घनश्याम प्रजापति उर्फ श्यामबाबा उर्फ सोहंगदेव की हत्या करके फरार हो गया था। तबसे पुलिस बाबा का सुराग नहीं लगा सकी है। न ही इस हत्या में शामिल किसी अन्य को पकड़ सकी है।
‘भगवान का अवतार’ बनकर फैलाया मायाजाल और फिर ड्राइवर को बना दिया सोहंगदेव उर्फ श्यामबाबा
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हत्यारोपी की तलाश में छापेमारी करती पुलिस
हत्यारों के फरार होने तथा पुलिस की शिथिलता से मृतक के परिजन अब घबराने लगे हैं। सोमवार को थाने आए मृतक के बेटे जितेंद्र तथा छोटे भाई रामकुमार प्रजापति ने बताया कि आरोपियों के गायब होने से अब उनके ऊपर भी खतरा मंडराने लगा है। इनका कहना है कि वह मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलेंगे।
खुद को कृष्णावतार बताकर धड़ से अलग कर दिया शिष्य का गला, हत्या के बाद गायब हो गया गुरू
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रोते बिलखते मृतक के परिजन
मृतक के परिजनों ने जिस तरीके से कहानी बयां की है। इससे यह लगता है कि यह पूरा विवाद संपत्ति बंटवारे का है। सूत्रों की माने तो सद्गुरु देव ने श्याम बाबा का साथ मिलकर पिछले पांच वर्षों में अकूत संपत्ति हथियाई थी। जिसको शायद ढोंगी बाबा अकेले ही हजम करने की फिराक में था। इसी उद्देश्य से शायद उसने श्यामबाबा उर्फ सोहंगदेव पुजारी को ठिकाने लगाया है।