{"_id":"6a8e70932b2ef91df40b77ef","slug":"nagaur-temple-scam-president-among-11-booked-over-rs2274-crore-allegations-nagaur-news-c-1-1-noi1346-4652340-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुटाटी मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल: अध्यक्ष समेत 11 पर एफआईआर; 22.74 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुटाटी मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल: अध्यक्ष समेत 11 पर एफआईआर; 22.74 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप
Wed, 26 Aug 2026 11:13 AM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:13 AM IST
सार
Rajasthan News: नागौर के प्रसिद्ध बुटाटी धाम स्थित संत चतुरदास महाराज मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर न्यायालय के आदेश से एफआईआर दर्ज हुई है। अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारियों पर करीब 22.74 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता और गबन के आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
बुटाटी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नागौर के विश्वविख्यात बुटाटी धाम स्थित संत चतुरदास महाराज मंदिर में व्यवस्थाओं और वित्तीय हिसाब-किताब को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद कुचेरा थाना पुलिस ने बुटाटी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ सहित 11 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के रिकॉर्ड के आधार पर करीब 22.74 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन के आरोप लगाए गए हैं।
15.16 करोड़ की अनियमितता का दावा
शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड की जांच में करीब 15.16 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने का दावा किया गया। वहीं, 2024-25 का रिकॉर्ड जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। इसके चलते करीब 7.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त अनियमितता का अनुमान लगाया गया है।
36 किलो चांदी के हिसाब पर उठे सवाल
मंदिर में रखे सोने-चांदी और अन्य कीमती सामान के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिवाद के मुताबिक, पुराने रिकॉर्ड में करीब 36 किलो चांदी का स्पष्ट हिसाब नहीं मिला, जबकि बाद के रिकॉर्ड में करीब 35.500 किलो चांदी की खरीद दर्शाई गई। शिकायत में इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
भोजनशाला और रसोई के खर्च पर भी सवाल
जांच में भोजनशाला निर्माण पर करीब 49.49 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने की बात सामने आई। वहीं रसोई पर 2023-24 में करीब 26.99 लाख और 2024-25 में करीब 90.64 लाख रुपये खर्च दर्शाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ग्राम विकास के 31 लाख रुपये पर मांगा हिसाब
ग्राम विकास के नाम पर करीब 31.27 लाख रुपये खर्च दिखाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इन पैसों से हुए काम, ठेकेदार, बिल और मौके पर कराए गए कार्यों से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं।
नागौर पर 82 लाख खर्च, टेंडर पर भी सवाल
मंदिर परिसर में नागौर कैमरों की खरीद और रखरखाव पर करीब 82.41 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया है कि खरीद में सार्वजनिक टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
किराए और एटीएम की रकम का भी मामला
सुलभ कॉम्प्लेक्स से करीब 18.12 लाख रुपये की किराया आय खातों में दर्ज नहीं मिलने का आरोप है। वहीं एटीएम से करीब 1.40 लाख रुपये प्राप्त होने और मंदिर के खाते में जमा होने के बावजूद उसका पूरा लेखा-जोखा दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के बाद अब पुलिस खंगालेगी दस्तावेज
न्यायालय के आदेश के बाद कुचेरा थाना पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दो लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब बैंक रिकॉर्ड, बिल-वाउचर, वित्तीय दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच की जाएगी।
यह भी पढ़ें: कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती
'जांच के आधार पर होगी कार्रवाई'
नागौर एसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कुचेरा थाने में 11 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। दो लोगों के बयान लिए जा चुके हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपों की वास्तविकता और कथित वित्तीय अनियमितता की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
15.16 करोड़ की अनियमितता का दावा
शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड की जांच में करीब 15.16 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने का दावा किया गया। वहीं, 2024-25 का रिकॉर्ड जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। इसके चलते करीब 7.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त अनियमितता का अनुमान लगाया गया है।
विज्ञापन
36 किलो चांदी के हिसाब पर उठे सवाल
मंदिर में रखे सोने-चांदी और अन्य कीमती सामान के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिवाद के मुताबिक, पुराने रिकॉर्ड में करीब 36 किलो चांदी का स्पष्ट हिसाब नहीं मिला, जबकि बाद के रिकॉर्ड में करीब 35.500 किलो चांदी की खरीद दर्शाई गई। शिकायत में इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
भोजनशाला और रसोई के खर्च पर भी सवाल
जांच में भोजनशाला निर्माण पर करीब 49.49 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने की बात सामने आई। वहीं रसोई पर 2023-24 में करीब 26.99 लाख और 2024-25 में करीब 90.64 लाख रुपये खर्च दर्शाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ग्राम विकास के 31 लाख रुपये पर मांगा हिसाब
ग्राम विकास के नाम पर करीब 31.27 लाख रुपये खर्च दिखाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इन पैसों से हुए काम, ठेकेदार, बिल और मौके पर कराए गए कार्यों से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं।
नागौर पर 82 लाख खर्च, टेंडर पर भी सवाल
मंदिर परिसर में नागौर कैमरों की खरीद और रखरखाव पर करीब 82.41 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया है कि खरीद में सार्वजनिक टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
किराए और एटीएम की रकम का भी मामला
सुलभ कॉम्प्लेक्स से करीब 18.12 लाख रुपये की किराया आय खातों में दर्ज नहीं मिलने का आरोप है। वहीं एटीएम से करीब 1.40 लाख रुपये प्राप्त होने और मंदिर के खाते में जमा होने के बावजूद उसका पूरा लेखा-जोखा दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के बाद अब पुलिस खंगालेगी दस्तावेज
न्यायालय के आदेश के बाद कुचेरा थाना पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दो लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब बैंक रिकॉर्ड, बिल-वाउचर, वित्तीय दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच की जाएगी।
यह भी पढ़ें: कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती
'जांच के आधार पर होगी कार्रवाई'
नागौर एसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कुचेरा थाने में 11 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। दो लोगों के बयान लिए जा चुके हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपों की वास्तविकता और कथित वित्तीय अनियमितता की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।