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जज प्रतिभा हत्याकांडः फटे सुसाइड नोट से मेल खाई जज की हैंडराइटिंग
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 01 Feb 2018 04:44 PM IST
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जज प्रतिभा हत्याकांड
जज प्रतिभा हत्याकांड में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) की रिपोर्ट बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि घटनास्थल पर फटे मिले कागज के टुकड़े (कथित सुसाइड नोट) पर जो लिखावट है, वह जज की हैंडराइटिंग से मिलती है।
जज प्रतिभा हत्याकांड
कानपुर देहात में तैनात जज प्रतिभा का शव आठ अक्तूबर 2016 को सर्किट हाउस स्थित सरकारी आवास पर फांसी से लटका मिला था।
जज प्रतिभा हत्याकांड
प्रतिभा का मायका उरई में है। पुलिस ने उनके पति अभिषेक मनु राजन को हत्या में गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या की धाराएं लगाई थीं। प्रतिभा के सास और ससुर को भी आरोपी बनाया था।
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जज प्रतिभा हत्याकांड
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि तत्कालीन एसीएम 2 सतीश चंद्र (वर्तमान में कालपी जिला जालौन के एसडीएम) की गवाही होनी थी। किसी कारण से वह कोर्ट नहीं आ सके।
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जज प्रतिभा हत्याकांड
अभियुक्त मनु अभिषेक राजन को जेल से कोर्ट लाया गया था। अभियुक्त के अधिवक्ता दुर्गेश सिंह परिहार ने बताया कि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट कोर्ट से उन्हें मिल गई है। इसके अलावा मोबाइल की वैज्ञानिक तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट भी मिल गई है।