अराजकतत्वों ने कन्नौज के प्राचीन मंदिर की कई मूर्तियां क्षतिग्रस्त कर दीं। इससे तनाव फैल गया। यह देख दोनों ही संप्रदायों के समझदार लोग आगे आए और मिल बैठकर नई मूर्तियां लगवाने का फैसला लिया। लोगों को समझा-बुझाकर उनका गुस्सा शांत कर जिले की शांत फिजा में सांप्रदायिकता का जहर घुलने से बचा लिया। नई मूर्तियां खरीदने के लिए मुस्लिम समाज के लोगों ने भी चंदा दिया।
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आक्रोशित लोगों ने किया हंगामा
कन्नौज जिले में दो दिन से अराजकतत्व कहीं न कहीं उपद्रव कर रहे हैं। पुलिस की तमाम चौकसी के बाद भी मंगलवार रात तेराजाकेट कस्बे के प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। कई छोटी मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बड़ी मूर्ति को कुदाल से उखाड़ने के बाद उसे तोड़ दिया। यहां लगे कलेंडर और चित्रों का ढेर लगाकर आग लगा दी। बुधवार सुबह इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, पर दोनों ही संप्रदाय के समझदार लोगों ने शहर का माहौल बिगड़ने से बचा लिया। अधिकारियों ने भी उनके कंधे से कंधा मिलाया।
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डीएम व एसपी ने समझाबुझाकर शांत कराया
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार व एसपी हरीश चंदर भी मौके पर पहुंच गए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने क्षतिग्रस्त मूर्तियों को फिर से स्थापित कराने का भरोसा दिया। तुरंत चंदा इकट्ठा किया जाने लगा। कस्बे के इकरार ने 11 सौ रुपये, अल्लाह रक्खू ने एक हजार रुपये व गुरसहायगंज कोतवाल महेंद्र सिंह गौतम ने 51 सौ रुपये दिए। कुछ अन्य लोगों ने भी चंदा दिया। आननफानन हिंदू समाज के लोगों के साथ मुस्लिम भी नई मूर्तियां खरीदने के लिए आगरा रवाना हो गए।
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स्वाट और सर्विलांस ने शुरू की जांच
प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिया कि अमन-चैन बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। देखते-देखते तनावग्रस्त माहौल में भाईचारे की बयार बह निकली। आगरा जाने वालों में शरद दुबे, अनिल पाल, हरिशंकर, इकरार व अल्लाह रक्खू हैं। पूर्व प्रधान राजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही प्रशासन के सहयोग से मूर्तियों की विधि-विधान से स्थापना कराई जाएगी।