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Lucknow News: सेवानिवृत्त एआरएम को डिजिटल अरेस्ट रख 14 लाख रुपये ठगे
Sun, 13 Sep 2026 02:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:35 AM IST
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एआई तस्वीर।
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने परिवहन विभाग से सेवानिवृत्त एआरएम राजाजीपुरम निवासी बैकुंठ नाथ मिश्र को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 14 लाख रुपये वसूल लिए। ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई का अफसर बताकर उनसे बात की थी। आरोपियों ने बुजुर्ग पर आतंकी संगठनों से संबंध होने का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
साइबर क्राइम थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक, बैकुंठ नाथ के पास एक सितंबर को अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम सुरेश बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से मुंबई के तिलक नगर पते पर सिम कार्ड लिया गया है। इसी सिम से केनरा बैंक की बांद्रा शाखा में खाता खोला गया है और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।
बैकुंठ नाथ ने आरोप से इन्कार किया तो कॉल वरिष्ठ अधिकारी संदीप नागर को ट्रांसफर कर दी गई। आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल पर बात की। उसने दावा किया कि बैकुंठ नाथ के खाते में पाकिस्तान से ढाई करोड़ रुपये आए हैं और उन्हें 25 लाख रुपये कमीशन मिला है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें पुलवामा में हुई आतंकी घटना में भी संलिप्त बताया
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जाली वारंट भेजकर डराया
आरोपी सात दिन तक कभी डीजीपी तो कभी सीबीआई अधिकारी बताकर उनसे बात करते रहे। वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी रखने के साथ किसी को जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी दी। डराने के लिए व्हाट्सएप पर गिरफ्तारी वारंट के जाली दस्तावेज भी भेजे।
एफडी और एमआईएस तुड़वाकर भेजी रकम
धमकी से डरकर बैकुंठ नाथ ने बैंक जाकर नौ लाख रुपये की एफडी तुड़वाई और आरोपियों के बताए खाते में भेज दिए। इसके बाद पोस्ट ऑफिस जाकर पांच लाख रुपये की एमआईएस भी तुड़वाई और रकम ट्रांसफर कर दी। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने कहा कि वे जांच रिपोर्ट जमा करने जा रहे हैं और चार घंटे बाद दोबारा फोन करेंगे। काफी देर तक फोन नहीं आया। बैकुंठ नाथ ने संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की।
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साइबर क्राइम थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक, बैकुंठ नाथ के पास एक सितंबर को अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम सुरेश बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से मुंबई के तिलक नगर पते पर सिम कार्ड लिया गया है। इसी सिम से केनरा बैंक की बांद्रा शाखा में खाता खोला गया है और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।
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बैकुंठ नाथ ने आरोप से इन्कार किया तो कॉल वरिष्ठ अधिकारी संदीप नागर को ट्रांसफर कर दी गई। आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल पर बात की। उसने दावा किया कि बैकुंठ नाथ के खाते में पाकिस्तान से ढाई करोड़ रुपये आए हैं और उन्हें 25 लाख रुपये कमीशन मिला है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें पुलवामा में हुई आतंकी घटना में भी संलिप्त बताया
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जाली वारंट भेजकर डराया
आरोपी सात दिन तक कभी डीजीपी तो कभी सीबीआई अधिकारी बताकर उनसे बात करते रहे। वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी रखने के साथ किसी को जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी दी। डराने के लिए व्हाट्सएप पर गिरफ्तारी वारंट के जाली दस्तावेज भी भेजे।
एफडी और एमआईएस तुड़वाकर भेजी रकम
धमकी से डरकर बैकुंठ नाथ ने बैंक जाकर नौ लाख रुपये की एफडी तुड़वाई और आरोपियों के बताए खाते में भेज दिए। इसके बाद पोस्ट ऑफिस जाकर पांच लाख रुपये की एमआईएस भी तुड़वाई और रकम ट्रांसफर कर दी। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने कहा कि वे जांच रिपोर्ट जमा करने जा रहे हैं और चार घंटे बाद दोबारा फोन करेंगे। काफी देर तक फोन नहीं आया। बैकुंठ नाथ ने संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की।