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अब मरद लोग रोटी के साथै चोटी भी बनाना सीख जइहैं- राजू श्रीवास्तव
Mon, 04 May 2020 03:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 04 May 2020 03:34 PM IST
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों हम सबै केर जिंदगी एकदम टमाटर जईस हुई गे.. पहिले ‘ग्रीन’ रहै.. फिर ‘ऑरेंज’ भये अउर अब ‘रेड’ जोन मा आय गे.. बस अब चटनी बनना बचा आय.. अउर भईया एक बात बताई.. ई ग्रीन जोन वाले जादा उत्साह मा बिगैर जरूरत आपन घर से बाहर निकलै की फिराक मा ना रहैं.. काहे से हर चौराहे पे पुलीस आपके पिछवाड़ा रेड जोन में तब्दील करे खातिर तय्यार खड़ी आय.. तो दोस्तों आखिरकार लॉकडाउन फिर से बढ़िगा..
राजू श्रीवास्तव
अब घर बईठे मरद लोग रोटी बनाये के साथ साथ ‘चोटी’ बनाना भी सीख जइहैं.. काहे से नौव्वे की दुकानें तो अभीनो नाही खुली.. वइसे इतिहास गवाह आय कि अच्छे व्यवहार के कारण कैदी लोगन की सजा कम हुई जात है.. मगर पहिली बार अईस भवा आय कि पूरी ईमानदारी अउर समय पे घर का सारा काम अउर झाडू.. पोछा..बर्तन चमकावे के बावजूद सजा बढाय दी गई.. ई तो घोर अन्याय आय.. ई लाकडाउन 3.0 मा महिलान खातिर ‘आल इंडिया महिला संघ’ पतियों के लिए नई गाइडलाइन जारी किहिस है..
राजू श्रीवास्तव
जौन पति पत्नी के रसोई अउर घर के काम मा मदद करिहै ऊ ‘ग्रीन जोन’ मा.. जौन घर के काम मा मदद भी ना करै अउर कौनो काम मा खबेड़ भी ना करै उई औरेंज जोन मा.. अउर जौन पति पूरे दिन अजगर के जईस पड़ा रहा.. कौनो कामौ नाही किहिस अउर उप्पर से उधम जोतिस.. पूरे दिन लभेड़बाजी किहिस.. पत्नी के काम मा चिराहिंद मचाईस ऊ तो गवा सीधे रेड जोन मा.. दोस्तों इस साल तो सबके राशिफल गड़बड़ा गये.. जेनकी राशिफल मा सुखद लंबी यात्रा का योग रहै.. उई घर मा बईठे लूडो खेलि रहे..
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राजू श्रीवास्तव
जेनके हाथन मा शादी केर हल्दी लागएं का प्रबल योग रहा.. उई अब साबुन अउर सेनेटाइजर लगाय रहें.. अउर जौन रंगबाज टाइप लोगे ख्वाब देखत रहैं कि फलाने की शादी मा हौंक के दारू पी बे .. उई सब बिचारे आपन घरन मा झाड़ूू पोंछा लगाय रहें.. वइसे ई लॉकडाउन मा अईस शांत सुनसान माहौल आय कि अगर कौनो की बीवी आवाज लगाय दे चाय बनाय देव.. तो पूरे मोहल्ले से अदरक कूटे की आवाज आय लगत है..
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Raju Srivastav
कल हम आपन घुमनीमुहाल वाले दोस्त संतोस का फोन किहेन.. हम कहा यार सुनने मा आय रहा है कि लाकडाउन मा घरेलू हिंसा के मामले बढ़िगे आयं.. तुम्हरे हिंया का हाल है?.. तो संतोस चहक के जवाब दिहिन हम तो भईया टाइम से बर्तन.. झाड़ू.. पोंछा करि देत हन.. फिर हम काहे पीटे जईबै?.. हम कहा सही आय जौने हाल चंगू का वहै हाल मंगू का.. हमहूं टाइम से घर का सब काम निपटाय रहे हन.. कल पत्नी आपन कौनो सहेली से फोन पर बात करत रही.. कहे लाग साहब झाड़ू पोंछा बर्तन मांजना सीख गए..