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गो आधारित प्राकृतिक खेती में होती है आपदा झेलने की ताकत- मुख्यमंत्री योगी

Wed, 22 Jan 2020 07:17 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 22 Jan 2020 07:17 PM IST
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CM yogi said cow based natural farming has the strength to withstand disaster
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गो आधारित प्राकृतिक खेती में आपदा झेलने की ताकत होती है। इस पद्धति से बीज स्वस्थ रहते हैं। जीरो बजट की यह पद्धति किसान की आय दोगुनी करने का सबसे सस्ता माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोग गाय को मां भी कहते हैं और सड़क पर छोड़ देते हैं। खुरपका, मुंहपका बीमारी समाप्त करने के लिए गंगा किनारे के गांवों में पशु आरोग्य मेले लगेंगे। गो आधारित खेती की फसलों के प्रमाणीकरण का कार्य मंडल स्तर पर मंडी परिषद द्वारा किया जाएगा। मंडल स्तर पर लैब की स्थापना होंगी।
CM yogi said cow based natural farming has the strength to withstand disaster
सीएसए में गो आधारित खेती पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को कानपुर स्थित सीएसए में नमामि गंगे योजना के तहत गो आधारित खेती पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि हम अपने स्वास्थ्य की चिंता तो करते हैं लेकिन धरती मां जो सबका पेट भरती हैं, उनकी फिक्र नहीं। प्राकृतिक खेती धरती की सेहत अच्छी करने का सबसे अच्छा माध्यम है। प्रधानमंत्री ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड की व्यवस्था की है। उन्होंने किसानों से कहा कि गो आधारित खेती कर अपने अनुभव कृषि विभाग को बताएं।
CM yogi said cow based natural farming has the strength to withstand disaster
सीएसए में गो आधारित खेती पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
साढ़े चार लाख गोवंश किए संरक्षित
सीएम ने बताया कि सरकार ने निराश्रय स्थलों में साढ़े चार लाख गोवंश संरक्षित किए हैं। हर एक गोवंश के जियो टैग की व्यवस्था है। निराश्रित गोवंश को लेने वाले किसान को 900 रुपये दिए जाएंगे। 27 से 31 जनवरी के बीच नमामि गंगे यात्रा के दौरान मास्टर ट्रेनर ग्राम पंचायतों में जीवामृत प्रशिक्षण देंगे। गो आधारित खेती के लिए पहले चरण में 1038 ग्राम पंचायतों को लिया गया है।
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CM yogi said cow based natural farming has the strength to withstand disaster
सीएसए में गो आधारित खेती पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी यूपी की हालत भी हरियाणा, पंजाब जैसी
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की पंजाब और हरियाणा में अधिक रासायनिक खाद इस्तेमाल होने और वहां के लोग के अपने अनाज के इस्तेमाल न करने की बाद का जिक्र कर मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी की स्थिति भी ऐसी ही है। लोग पूरा खेत यूरिया से रंग देते हैं। आलू के खेत में रासायनिक खाद का इस्तेमाल होता है। रासायनिक फर्टिलाइजर से खेत में अधिक पानी भी लगता है। यह स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है।   
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CM yogi said cow based natural farming has the strength to withstand disaster
सीएसए में गो आधारित खेती पर आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
128 साल पुराने सीसामऊ नाले को बंद कर दिया
सीएम ने कहा कि तीन साल पहले प्रदूषण और गंदगी की वजह से कानपुर में गंगा को देखकर लोग नाक, मुंह सिकोड़ लेते थे। अंग्रेजों ने सीसामऊ नाले से सीवर गंगा में उड़ेला। अब उस 128 साल पुराने नाले को बंद कर दिया गया। आज एक बूंद सीवर नहीं गिरता है। वर्ष 2013 में मारीशस के प्रधानमंत्री ने संगम तट पर आने का जिक्र किया। पहले वह गंगा का दर्शन भर करके चले गए लेकिन इस बार कुंभ में आए तो स्नान किया। सीएम ने सीसामऊ नाले के संबंध में बात करते वक्त मीडिया को भी सुझाव दिया और कहा कि सनसनी के लिए तथ्य को तोड़े-मरोड़ें नहीं। विश्वसनीयता को खतरे में न पड़ने दें। नाले में बारिश का पानी ही जाता है।
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