3695 करोड़ के बैंकिंग घोटाले में गिरफ्तार कानपुर के उद्योगपति विक्रम कोठारी की कंपनी के लिक्विडेटर (कर्ज आदि का समाधान कराने वाला) के सामने पीएफ विभाग ने अपना दावा रख दिया है। इससे कंपनी की नीलामी आदि होने पर सबसे पहले पीएफ विभाग के बकाए का भुगतान कराया जाएगा। कंपनी ने अपने यहां कार्यरत करीब तीन सौ से अधिक कर्मचारियों का डेढ़ साल का पीएफ नहीं जमा किया है। कंपनी पर एक करोड़ 30 लाख का पीएफ बकाया है।
3695 करोड़ के बैंकिंग घोटाले में गिरफ्तार Rotomac कंपनी के मालिक के सामने पीएफ विभाग ने रखा ये दावा
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 04 May 2018 05:30 PM IST
सार
- रीएफमें काम कर रहे कर्मचारियों को कर्मियों के पीएफ का पहले करना होगा भुगतान
- पीएफ विभाग ने कंपनी के लिक्विडेटर के सामने पेश किया दावा
- नीलामी या रिकवरी होने पर पहले पीएफ विभाग का होगा भुगतान
- कंपनी पर एक करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक बकाया है पीएफ
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