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PHOTOS: चित्रकूट हत्याकांड में बच सकती थी जुड़वा बच्चों की जान, इन गलतियों से लगा खाकी पर बड़ा कलंक
Mon, 25 Feb 2019 05:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 05:31 PM IST
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कुछ पुलिस अधिकारी व एक जानकार ने बताया कि फिरौती की रकम देने जाने पर अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए एक चिप का प्रयोग किया गया था लेकिन रकम देने के बाद वह चिप कहीं गिर गई जिससे पुलिस हाथ मलती रह गई और एक बड़ा कलंक लग गया।
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अपहृत जुड़वा बच्चों की बेरहमी से हत्या के बाद मां बबिता देवी की हालत सुन्न जैसी हो गई है। जिससे उसके परिजनों ने प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया है। डाक्टरों के अनुसार वह कोमा में है। अपहृत जुड़वा बच्चे कई दिन से भूखे थे।
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आरोपियों के अनुसार वह खाना नहीं खाते थे। दूध जूस व पानी ही पीते थे। इसके बाद उन्हें लोेहे की जंजीर अतर्रा से खरीदकर एक साथ बांधकर पत्थर बांधकर लटका दिए और नदी में डुबो दिया। यह हत्या दो दिन पहले ही कर दी गई थी।
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पूरा घटनाक्रम कुछ यूं रहा
11 फरवरी: योजना के अनुसार जुड़वा बच्चों के अपहरण का प्रयास विफल
12 फरवरी: दिनदहाडे़ सदगुरु पब्लिक स्कूल परिसर से तेल उद्यमी के पुत्रों का बाइक से अपहरण
13 व 14 फरवरी: अपहरणकर्ता दोनों को चित्रकूट के जानकीकुंड के पास ही मास्टर माइंड पदम शुक्ला के परिचित के घर रखा।
11 फरवरी: योजना के अनुसार जुड़वा बच्चों के अपहरण का प्रयास विफल
12 फरवरी: दिनदहाडे़ सदगुरु पब्लिक स्कूल परिसर से तेल उद्यमी के पुत्रों का बाइक से अपहरण
13 व 14 फरवरी: अपहरणकर्ता दोनों को चित्रकूट के जानकीकुंड के पास ही मास्टर माइंड पदम शुक्ला के परिचित के घर रखा।