फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आईएएस बी चंद्रकला के घर पर सीबीआई का छापा, सोशल मीडिया पर रहीं खूब चर्चा में

Sun, 06 Jan 2019 09:14 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 06 Jan 2019 09:14 AM IST
विज्ञापन
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence
डेमो पिक
अपनी छवि और बयानों से सोशल मीडिया पर चर्चा में रह चुकीं आईएएस बी चंद्रकला पर सीबीआई की कार्रवाई शुरू हो गई है। उन पर हमीरपुर में डीएम रहते खनन के पट्टा आवंटन नियमों की अनदेखी का आरोप है। हमीरपुर के अलावा जालौन में उनके जानने वालों और लखनऊ स्थित उनके आवास पर भी खनन से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।  2008 बैच की आईएएस बी चन्द्रकला की पहली पोस्टिंग अखिलेश सरकार में हमीरपुर में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी। चंद्रकला ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। जबकि ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों को स्वीकृति देने का प्रावधान है।

 
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence
डेमो पिक
सीबीआई की टीम ने हमीरपुर और जालौन में मौरंग के बड़े कारोबारियों के घर छापेमारी की है। टीम ने जालौन में ठेकेदार व बसपा नेता रामअवतार राजपूत और करन सिंह राजपूत के यहां छापा मारा है। टीम यहां खनन से जुड़े दस्तावेजों को खंगल रही है। हमीरपुर में भी कारोबारियों के यहां छापामारी चल रही है।
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence
डेमो पिक
निवर्तमान डीएम भवनाथ ने 2 और डीएम संध्या तिवारी ने 8 मौरंग खनन के पट्टों की स्वीकृति दी थी। बताया जाता है कि इस जिले में 60 मौरंग खनन के पट्टे गलत ढंग से पास किए गए थे। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence
डेमो पिक
साल 2015 में अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिए थे। इसके बाद हाईकोर्ट ने 20 जून 2016 को नवीनीकरण और बाधित अवधि के मौरंग पट्टों के खनन पर रोक लगाते हुए निरस्त किए थे।
विज्ञापन
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence
डेमो पिक
याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने खुलासा किया था कि डीएम ने अवैध खनन की इजाजत दी थी। जिसकी वजह से माफियाओं ने खूब पैसे कमाए। मौरंग खदानों पर पूरी तरह से रोक लगाने के बाद भी यूपी के हमीरपुर में अवैध खनन खुलेआम किया गया। 28 जुलाई 2016 को तमाम शिकायतें और याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed